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किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये; 40 और तालुके सूखाग्रस्त घोषित

दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा होंगे, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल बैठक के बाद यह घोषणा की। सूखाग्रस्त तालुकों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है और बैंकों को किसानों से कर्ज वसूली रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मंत्रिमंडल बैठक के बाद सूखा राहत की घोषणा

राज्य में सूखे जैसे हालात के बीच राज्य सरकार ने किसानों के लिए अहम राहत के फैसले घोषित किए हैं। आने वाले त्योहारी दिनों में किसानों को आर्थिक सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि दिवाली से पहले उनके बैंक खातों में सीधे 5,000 रुपये की अग्रिम राशि जमा की जाएगी। वे सह्याद्री राज्य अतिथि गृह में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद हुई पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।

इस बैठक में राज्य की सूखा राहत योजनाओं की पूरी समीक्षा की गई। नए 40 तालुकों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल किया गया है, जिससे राज्य में सूखाग्रस्त तालुकों की कुल संख्या 305 हो गई है।

मंत्रिमंडल बैठक के मुख्य फैसले और निर्देश: 1. 40 और तालुके सूखाग्रस्त; कुल संख्या अब 305 राज्य में इससे पहले 265 तालुकों में सूखा घोषित किया गया था। स्थिति का जायजा लेने के बाद अब उनमें 40 और तालुके जोड़े गए हैं। सभी 305 तालुकों में सूखा राहत के उपायों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। पहले के तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ लागू किया गया था। अब नए शामिल तालुकों समेत सभी इलाकों में आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

2. परीक्षा शुल्क पूरी तरह माफ सूखाग्रस्त इलाकों के किसानों और परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने आदेश दिए हैं कि इन सभी तालुकों के छात्रों का परीक्षा शुल्क बिना किसी अतिरिक्त शर्त के पूरी तरह माफ किया जाए।

3. किसानों पर कर्ज वसूली का दबाव डाला तो कार्रवाई सूखे की मार झेल रहे किसानों से कर्ज वसूली के लिए जबरदस्ती न की जाए, इसकी बैंकों को सख्त चेतावनी दी गई है।

प्राथमिक कृषि पतसंस्थाओं (सोसायटी), जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों को कर्ज वसूली का दबाव तुरंत रोकने के आदेश दिए गए हैं।

माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कामकाज पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। किसी भी कंपनी ने किसानों के साथ बदसलूकी या जबरदस्ती की, तो उस पर कार्रवाई होगी।

खेती के लिए 7.5 हॉर्सपावर (HP) तक बिजली पहले से मुफ्त है। बिजली बिल के नाम पर किसानों को कोई परेशान न करे, इसके साफ निर्देश दिए गए हैं।

4. पीने के पानी और अवैध निकासी पर सख्त कार्रवाई गांव-गांव तक पीने का पानी पहुंचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। पानी की कमी न हो, इसके लिए पानी की अनधिकृत और अवैध निकासी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 16 हजार अवैध बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं।

5. चारे की योजना और समर्थन मूल्य पर खरीद पशुओं के चारे की कमी न हो, इसके लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है:

जहां पानी उपलब्ध हो, वहां किसान चारा फसलों की बुवाई करें।

रबी के मौसम में ज्वार जैसी चारा देने वाली फसलों पर जोर दिया जाए।

किसानों द्वारा उगाए गए ऐसे चारे की खरीद राज्य सरकार खुद समर्थन मूल्य पर करेगी, ताकि किसानों को नुकसान न हो और पशुओं को चारा मिल सके।