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सूखाग्रस्त किसानों को 5 हजार अग्रिम मदद : शिंदे का बचाव, उद्धव का तंज

दिवाली से पहले सूखाग्रस्त किसानों को राज्य सरकार ने 5 हजार रुपये की अग्रिम मदद का ऐलान किया. शिंदे ने योजनाओं की सूची गिनाकर बचाव किया, उद्धव ठाकरे ने इस मदद पर तीखा हमला बोला.

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मुंबई: दिवाली से ठीक पहले सूखाग्रस्त किसानों को 5 हजार रुपये की अग्रिम मदद. इसी एक आंकड़े पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए.

दिवाली के मौके पर राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त किसानों को 5 हजार रुपये की अग्रिम मदद का ऐलान किया है. मंगलवार (20 अक्टूबर) को दोनों शिवसेना गुटों की दशहरा रैलियों में यही मुद्दा केंद्र में रहा.

उद्धव ठाकरे ने इस मदद पर तीखा हमला बोला. 'सत्ता की कुर्सी बचाने के लिए विधायकों को 50 खोके देते हैं, लेकिन किसानों को देने के लिए पैसे नहीं हैं. 5 हजार देते हैं, इन राज करने वालों को शर्म आनी चाहिए,' उन्होंने सरकार को लताड़ा. शिवाजी पार्क की रैली में उन्होंने 'गायब 50 खोके और किसानों को पांच हजार रुपये, यही आपकी देन है' कहकर भी तंज कसा.

उद्धव ने कहा कि सूखे का रूप भयावह है और ओलावृष्टि की मदद अब तक किसानों को नहीं मिली. उन्होंने सवाल उठाया कि 30 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान करने के बाद भी असल में कितने किसानों को मदद मिली. फसल बीमा, कर्जमाफी और नमो किसान योजना की रकम लंबित होने का आरोप भी उन्होंने लगाया.

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी रैली में सरकारी योजनाओं की सूची गिनाकर बचाव किया. उन्होंने कहा कि केंद्र की पीएम-किसान योजना से सालाना छह हजार रुपये और राज्य की योजना से छह हजार रुपये और किसानों को मिलते हैं. इन योजनाओं से अब तक किसानों के खातों में 60 हजार करोड़ रुपये जमा हुए, ऐसा दावा भी उन्होंने किया.

कर्जमाफी पर विपक्ष को जवाब देते हुए शिंदे ने कहा कि सरकार ने 32 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी दी और नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये प्रोत्साहन दिया. सूखे की वजह से जिन किसानों की बेटियों की शादी अटकी है, उनके सामूहिक विवाह की जिम्मेदारी अपनी पार्टी ने ली, ऐसा ऐलान भी शिंदे ने किया. दिवाली से पहले सूखाग्रस्त तालुकाओं में 'आनंद का शिधा' बांटा जाएगा, यह भी उन्होंने कहा.

राज्य में सूखा होने के कारण भीतरी इलाकों के पदाधिकारियों से मुंबई न आने को कहा गया और सूखाग्रस्त इलाकों के लिए 100 ट्रक सामग्री भेजी गई, ऐसा शिंदे ने बताया.

सवाल यह है कि पांच हजार कम हैं या समय पर मिलेंगे. अगले हफ्ते यह रकम किसानों के खातों में पहुंचती है या नहीं, इससे इस बहस का अंत तय होगा.