आसमान ने मुंह मोड़ लिया, फसलें सूख गईं और किसान संकट के चक्रव्यूह में फंस गया है। सूखे का यह साया कितना भी भीषण हो, अन्नदाता किसान हिम्मत न हारे। सह्याद्रि जैसा अडिग नेतृत्व और संवेदनशील सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। “प्राकृतिक आपदा चाहे कितनी भी घेर ले, आत्महत्या जैसा अति कदम न उठाएं। यह आपकी अपनी सरकार है। सीधी सरकारी मदद के साथ फसल बीमा का अधिकतम मुआवजा दिलाकर हर किसान को फिर से खड़ा करेंगे,” यह भावुक पर भरोसेमंद अपील लोक निर्माण मंत्री और लातूर के पालक मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने खेतों की मेड़ पर जाकर किसानों से की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संवेदनशील और तेज़ कार्यशैली के कारण सूखाग्रस्त इलाकों में प्रशासन कागज़ी कार्रवाई में उलझे बिना सीधे खेतों तक पहुंचा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी किसान को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस की किसानों के प्रति संवेदनशीलता किसानों के दुख से गहरा नाता रखने वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य के सूखे पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। उन्होंने लातूर, मराठवाड़ा और विदर्भ के सूखाग्रस्त इलाकों में खुद जाकर किसानों के आंसू देखे और उनकी तकलीफें सुनीं। इसीलिए उन्होंने बिना देरी के सूखा घोषित करने और राहत व रियायतों का ऐलान करने का साहसिक कदम उठाया।
“संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, किसानों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी,” मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह वचन पूरा करने के लिए आज मंत्री और जनप्रतिनिधि खुद खेतों में उतरे हैं। उनके निर्देशों के पालन में लातूर के हर कोने में निरीक्षण दौरा शुरू हो गया है।
बुजुर्ग किसानों और महिलाओं से सीधी बातचीत पालक मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील की मौजूदगी में अहमदपुर तालुका के महादेववाडी और चाकूर तालुका के आष्टा मोड़ में फसल के नुकसान का निरीक्षण किया। इससे पहले विधायक संजय बनसोडे की मौजूदगी में उदगीर तालुका के शेकापुर में सोयाबीन के नुकसान का जायजा लिया। इस दौरे में उन्होंने सिर्फ औपचारिक निरीक्षण नहीं किया। बुजुर्ग किसानों और मेहनतकश महिलाओं के कंधे पर हाथ रखकर उनकी तकलीफें सुनीं। फिर जलकोट तालुका के बेळसांगवी में जली हुई अरहर और सोयाबीन की फसल देखी और किसानों को अपनापन भरा ढांढस बंधाया।
लातूर तालुका के कोळपा और महाराणा प्रतापनगर में भी वे सीधे खेतों में पहुंचे और नुकसान झेल चुके किसानों से आत्मीय बातचीत की।
“कोई किसान छूटेगा नहीं; पंचनामे तेज़ करने के आदेश” पालक मंत्री ने बताया कि केंद्रीय दल इस समय राज्य में सूखे के आकलन के दौरे पर है और मराठवाड़ा में कई जगहों पर निरीक्षण पूरा हो चुका है। इस दल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उच्च स्तरीय बैठक होगी, जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकार जल्द ही बड़े पैकेज की घोषणा करेंगी।
राजस्व और कृषि विभाग को पंचनामे जल्द और पारदर्शी तरीके से पूरे करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन को सख्त चेतावनी दी गई है कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कोई भी किसान मदद से वंचित न रहे।
पानी, चारा और छात्रों की फीस माफी पर तुरंत अमल सूखे की संभावित गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस के निर्देश पर दीर्घकालिक योजना शुरू की गई है:
जल संकट पर काबू: बोरवेल और पुराने कुओं की मरम्मत कर पानी के वैकल्पिक स्रोत तुरंत तैयार किए जा रहे हैं।
चारा शिविर और उपलब्धता: मवेशियों के चारे की कमी न हो, इसके लिए पशुपालन विभाग योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है।
छात्रों को राहत: सूखा राहत के तहत जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को स्कूल और कॉलेज के छात्रों की परीक्षा फीस माफ करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी इस दौरे में लातूर की उपविभागीय अधिकारी रोहिणी नऱ्हे-विरोळे, उदगीर के उपविभागीय अधिकारी सुशांत शिंदे और अहमदपुर की उपविभागीय अधिकारी मंजुषा लटपटे ने नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट पेश की।
इस दौरे में जिला परिषद अध्यक्ष उषा पाटील, उपाध्यक्ष दयानंद सुरवसे, बांधकाम व आरोग्य सभापती ज्ञानेश्वर बिरादार, अहमदपुर पंचायत समिति सभापती सूरज पाटील, लातूर पंचायत समिति सभापती श्रीकांत बैले, जिला परिषद सदस्य रामचंद्र तिरुके, प्रो. दिलीप मटके, मुकेश भालेराव, प्रफुल्लचंद्र गुंदरे, भानुदास पोटे, अश्विन नागराले, चाकूर पंचायत समिति उपसभापती भुजंग शिंदे, जलकोट के उपनगराध्यक्ष मन्मथअप्पा किडे, पूर्व विधायक बब्रुवान खंदारे, गणेश हाके, अजित पाटील कव्हेकर और हृषीकेश कराड सहित सभी प्रमुख अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

