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सभी आठ जिलों में हिल काउंसिल चुनाव का रास्ता साफ; राष्ट्रपति ने जारी किया कानून

राष्ट्रपति द्वारा लद्दाख स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल अधिनियम जारी किए जाने से लद्दाख के सभी आठ जिलों में हिल काउंसिल चुनाव का रास्ता साफ हो गया. एलजी विनय कुमार सक्सेना ने इसे 'ऐतिहासिक' बताया. नए सांको जिले को भी शामिल किया गया.

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लेह: राष्ट्रपति द्वारा लद्दाख स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल अधिनियम जारी किए जाने से लद्दाख के सभी आठ जिलों में हिल काउंसिल चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है.

लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना ने इसे 'ऐतिहासिक' बताया. उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ छह दिनों में लागू हुआ और अब सभी आठ जिलों में — नवगठित सांको जिले समेत — लद्दाख स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल (एलएएचडीसी) बनाने का रास्ता खुल गया.

वहीं, केंद्र के प्रस्ताव के अनुसार लद्दाख में केंद्रशासित प्रदेश स्तर के प्रस्तावित निर्वाचित निकाय में अंतिम अधिकार एलजी के पास रहेंगे. प्रस्ताव में यह सवाल भी उठाया गया है कि प्रस्तावित निकाय की सीटों के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन चुनाव प्राधिकरण करेगा या परिसीमन आयोग. इसमें एक-तिहाई से 50 फीसदी तक सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने के विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं.

लद्दाख के राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन पिछले कुछ वर्षों से राज्य का दर्जा और स्थानीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. इस पृष्ठभूमि में यह फैसला अहम माना जा रहा है.

इससे पहले लद्दाख में लेह और कारगिल, दो ही जिलों में एलएएचडीसी काम करती थीं. अब बाकी जिलों में भी ऐसी काउंसिल बनने से स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी, ऐसा प्रशासन का दावा है.

लद्दाख को 2019 में केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद वहां राजनीतिक मांगें बढ़ी हैं. स्थानीय संगठन और दल राज्य का दर्जा, रोजगार और भूमि संरक्षण जैसी मांगें लगातार उठाते रहे हैं.

'नई काउंसिलों से स्थानीय लोगों की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ेगी और विकास कामों को गति मिलेगी,' ऐसा प्रशासन का कहना है. सांको जिला हाल ही में नया बनाया गया है, वहां भी काउंसिल बनेगी.