लेह: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लद्दाख स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल (संशोधन) विनियम, 2026 जारी किए जाने से लद्दाख के आठों जिलों में हिल काउंसिल चुनाव का रास्ता खुल गया है, यह जानकारी उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार को दी।
इसे 'ऐतिहासिक' बताते हुए सक्सेना ने कहा कि यह केवल छह दिनों में लागू किया गया और इससे नवगठित सांको जिले सहित सभी आठ जिलों में एलएएचडीसी बनाने का रास्ता खुल गया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर को संशोधनों को मंजूरी दी और 16 अक्टूबर को राष्ट्रपति ने इसे जारी किया।
संशोधित विनियम में हर काउंसिल के निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या पहले के 26 से घटाकर कम से कम सात और अधिकतम 24 कर दी गई है। साथ ही, स्थानीय शासन में भागीदारी बढ़ाने के लिए 'महिलाओं' और 'प्रतिनिधित्व से वंचित समुदायों' से चार सदस्य नामित करने का प्रावधान है, ऐसा सक्सेना ने कहा।
दूसरी ओर, राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग पर केंद्र से बातचीत कर रहे कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने विनियम के समय पर सवाल उठाए। अलायंस के सदस्य सज्जाद कारगिली ने आरोप लगाया कि लोगों और हितधारकों से सलाह लिए बिना काउंसिल की बनावट, शक्तियां और कार्यप्रणाली बदली गई। फिलहाल लद्दाख में एलएएचडीसी-कारगिल ही कार्यरत है।
यह कदम गृह मंत्रालय द्वारा लद्दाख में नई निर्वाचित संस्था के लिए तैयार मसौदा योजना के बाद आया है, जिसके तहत संस्था के हर कानून को उपराज्यपाल की मंजूरी जरूरी होगी और 50 प्रतिशत तक सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। सरकार ने कहा है कि प्रस्तावों को अंतिम रूप देने से पहले स्थानीय निकायों की राय ली जाएगी।
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दो के बजाय आठ हिल काउंसिल; लद्दाख को नया चुनाव नक्शा, और समय पर सवाल
राष्ट्रपति द्वारा लद्दाख स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल (संशोधन) विनियम, 2026 जारी होने से लद्दाख के आठों जिलों में हिल काउंसिल चुनाव का रास्ता खुल गया है। लेकिन कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने इसके समय पर सवाल उठाए हैं।
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