बेंगलुरु: हिरियूर विधानसभा उपचुनाव में जनता दल (सेक्युलर) ने एनडीए की ओर से चुनाव लड़ने का दावा बुधवार को जोरदार तरीके से रखा। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने हिरियूर और चित्रदुर्ग के पार्टी नेताओं की बैठक के बाद यह रुख सार्वजनिक किया।
कुमारस्वामी ने बताया कि पार्टी के स्थानीय नेताओं ने जेडीएस का उम्मीदवार देने की जोरदार मांग की है और वह इसे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखेंगे। अंतिम फैसला उसी बातचीत के बाद होगा।
हिरियूर सीट पूर्व मंत्री डी. सुधाकर के निधन से खाली हुई है। चुनाव आयोग से तारीख का इंतजार है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार मंगलवार को हिरियूर गए थे। वहां उन्होंने विकास कार्यों का लोकार्पण किया और अपनी सरकार के काम के आधार पर चार सर्वे कराने की बात कही। उनका दावा था कि इनके मुताबिक 72 प्रतिशत मतदाता कांग्रेस के साथ हैं।
कांग्रेस की ओर से दिवंगत नेता के बेटे सुहास सुधाकर को टिकट मिलने की संभावना है। शिवकुमार ने गोल्ला और कडू गोल्ला समुदायों को अनुसूचित जनजाति आरक्षण के मुद्दे पर पैरवी का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने यह प्रस्ताव चार-पांच बार खारिज किया है।
भाजपा ने उपचुनाव के लिए 12 सदस्यीय प्रभारी नेताओं की समिति बनाई है। इसमें पूर्व मंत्री सी.टी. रवि और गोविंद कारजोल शामिल हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाय. विजयेंद्र ने कहा था कि दोनों दल बैठकर उम्मीदवार तय करेंगे।
हिरियूर और आसपास के विधानसभा क्षेत्रों में जेडीएस का असर बड़ा है। इसलिए सीट को लेकर गठबंधन में खींचतान जारी है।