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PSC चेयरमैन हटाने की सिफारिश: राज्यपाल ने प्रक्रिया तोड़ी, मगर दोषियों को बचाया नहीं जाएगा – सतीशन

केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि पूर्व राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने PSC चेयरमैन एम. आर. बैजू को हटाने की जो सिफारिश राष्ट्रपति से की, वह तय प्रक्रिया के बाहर थी। साथ ही उन्होंने साफ किया कि इस प्रक्रियागत चूक से PSC के भीतर की अनियमितताएं नहीं ढकी जा सकतीं।

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तिरुवनंतपुरम: लोक सेवा आयोग (PSC) में गड़बड़ है, और उसे संभालने का राज्यपाल का तरीका भी गलत था। ये दोनों बातें अलग हैं। यही रुख मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों के सामने रखा।

उन्होंने बताया कि पूर्व राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सिफारिश भेजी थी कि PSC चेयरमैन एम. आर. बैजू को हटाया जाए और आयोग भंग किया जाए। यह सिफारिश राज्य नियोजन बोर्ड में भर्तियों में कथित अनियमितताओं की क्राइम ब्रांच जांच के बाद आई थी।

सतीशन ने कहा, "यह साफ है कि राज्यपाल ने PSC चेयरमैन और सदस्यों को हटाने की सिफारिश तय प्रक्रिया का पालन किए बिना की। संविधान के तहत ऐसे मामलों में राज्यपाल को सरकार से सलाह लेनी चाहिए थी।" लेकिन उसी सांस में उन्होंने यह भी जोड़ा, "राज्यपाल की प्रक्रियागत चूक का इस्तेमाल PSC के भीतर की अनियमितताओं को छिपाने के लिए नहीं किया जा सकता। विपक्ष अब राज्यपाल की कार्रवाई को उछालकर PSC चेयरमैन और सदस्यों को बचाने की कोशिश कर रहा है।"

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि क्राइम ब्रांच की जांच में "चौंकाने वाले तथ्य" सामने आए हैं। शुरुआती निष्कर्षों के मुताबिक आयोग ने अपने लोगों, रिश्तेदारों और पार्टी से जुड़े लोगों को अलग-अलग पदों पर बैठाया। शिकायतें अब भी आ रही हैं और सब जांच टीम को भेजी जाएंगी। दोषी पाए गए लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।

IAS अधिकारियों के तबादलों पर पूछे गए सवाल पर सतीशन ने कहा कि तबादले नियम के मुताबिक हुए हैं। केरल राज्य विद्युत बोर्ड के चेयरमैन का बदलना रूटीन प्रशासनिक फैसला है। सिविल सर्विसेज बोर्ड की मंजूरी के बिना तबादले किए जाने की खबरों को उन्होंने खारिज किया।

शराब लाइसेंस को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सरकार को जानकारी दिए बिना बार के लाइसेंस नहीं बांटे जाने चाहिए। नई शराब नीति जल्द सामने आएगी। पिछली LDF सरकार ने नियम संशोधन के जरिए डिप्टी कमिश्नरों को बार लाइसेंस देने का अधिकार दिया था, उस पर फिर विचार होगा।

LP/UP शिक्षक पदधारकों के आंदोलन पर सतीशन ने हमदर्दी दिखाई। सरकार ने उनसे आठ बार बात की है। आंदोलनकारियों को बाल काटते देख वे "भावुक हो गए", ऐसा उन्होंने कहा।

पुलिस थाने की घटना पर भी सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। थाने ले जाते वक्त एक यूट्यूबर पर हमला हुआ था और अडूर थाने में घुसकर हिरासत में बंद आरोपी से मिलने कांग्रेस की जिला पंचायत सदस्य श्रीनादेवी कुंजम्मा पहुंच गई थीं। इसे "गंभीर" बताते हुए उन्होंने कहा कि थाने के अंदर कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी। पुलिस महानिदेशक रवडा चंद्रशेखर ने पथनमथिट्टा के एसपी से रिपोर्ट मांगी है।