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वक्फ बोर्ड पुनर्गठन: केरल के नामांकन का भरोसा मिलने पर सुन्नी गुट ने आंदोलन वापस लिया

कांतापुरम सुन्नी गुट ने केरल वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन के खिलाफ अपना आंदोलन वापस ले लिया, क्योंकि राज्य ने गुट को बोर्ड में एक नामांकन का भरोसा दिलाया। मंत्री समसुद्दीन ने यह जानकारी दी।

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तिरुवनंतपुरम: कांतापुरम सुन्नी गुट ने केरल वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन के खिलाफ अपना आंदोलन वापस ले लिया है, क्योंकि राज्य सरकार ने गुट को बोर्ड में एक नामांकन का भरोसा दिलाया। मंत्री समसुद्दीन ने यह जानकारी दी।

यह गुट बोर्ड के पुनर्गठन के तरीके और उसमें अपने प्रतिनिधित्व को लेकर आंदोलन कर रहा था। यह बोर्ड राज्य में वक्फ संपत्तियों और उससे जुड़े मामलों की देखरेख करता है। नामांकन का भरोसा मिलने से गुट की मुख्य मांग पूरी हुई।

आंदोलन खत्म करने का फैसला गुट के नेताओं और राज्य सरकार के बीच बातचीत के बाद लिया गया। गुट ने कहा कि उसके नामांकित सदस्य के जरिए उसे बोर्ड के कामकाज में आवाज मिलेगी।

वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन ने केरल के कई मुस्लिम संगठनों का ध्यान खींचा था और कांतापुरम गुट का रुख राज्य के मुस्लिम राजनीतिक परिदृश्य में बारीकी से देखा जा रहा था। यह मुद्दा समुदाय के एक वर्ग और सरकार के बीच टकराव का बिंदु बन गया था।

मंत्री के बयान से संकेत मिलता है कि अन्य कामकाज से पहले यह विवाद बंद करने की कोशिश की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों में नामांकित व्यक्ति का नाम और नियुक्ति का समय नहीं बताया गया।

केरल में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार है, जो 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग समेत मुस्लिम संगठन और दल राज्य की राजनीति का अहम हिस्सा हैं, और वक्फ से जुड़े मामलों का राजनीतिक महत्व होता है।

अधिकारियों के मुताबिक नामांकित सदस्य की नियुक्ति उचित समय पर अधिसूचित होगी, हालांकि तारीख नहीं बताई गई। पुनर्गठन को लेकर राज्य के मुस्लिम संगठनों में मतभेद थे और गुट का आंदोलन वापस लेना विवाद शांत करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।