कोच्चि: CMRL-एक्सालॉजिक कथित अनियमितता मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री पिणरायी विजयन को 23 अक्टूबर को कोच्चि कार्यालय में पूछताछ के लिए समन भेजा है। विजयन की बेटी टी. वीणा और दामाद तथा पूर्व सार्वजनिक निर्माण मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास के नाम भी इसी मामले में हैं।
ईडी ने CMRL से एक्सालॉजिक को हुए भुगतान की जांच की है। वीणा और एक्सालॉजिक को दिए गए 2.78 करोड़ रुपये तथा CMRL समूह की एक कंपनी से आए 50 लाख रुपये, यानी कुल 3.28 करोड़ रुपये अदालती कार्यवाही में दर्ज बताए जाते हैं।
इस बीच, केरल उच्च न्यायालय ने 9 अक्टूबर को कहा कि ईडी की भेजी सामग्री एफआईआर के लिए पर्याप्त है, और प्रारंभिक जांच के बजाय एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके अनुसार 12 अक्टूबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दो एफआईआर दर्ज कीं।
लेकिन अब राजनीतिक विवाद का मुख्य मुद्दा यह बन गया है कि ईडी की सामग्री मिलने के बाद भी राज्य सरकार ने तुरंत एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की। कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनाडन ने सरकार के 'नरम' रुख की आलोचना की। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि फैसले कानून के मुताबिक लिए गए।
सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ईडी के साथ मिलकर विजयन को निशाना बना रही है। सुप्रीम कोर्ट 26 अक्टूबर तक याचिका पर सुनवाई कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट 26 अक्टूबर तक मामले की सुनवाई कर सकता है, और सूत्रों के मुताबिक तब तक विजयन पूछताछ के लिए पेश नहीं होंगे। सीपीआई(एम) ने कार्यवाही को चुनौती देने के लिए कानूनी और राजनीतिक कदम उठाने की बात कही है। ईडी ने विजयन, वीणा और रियास के खिलाफ अलग प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट भी दर्ज की हैं।
राजनीतिकेरल
पिणरायी को ईडी का समन, और केरल की सत्तारूढ़ कांग्रेस के सामने खड़ा हो गया आइना
CMRL-एक्सालॉजिक मामले में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री पिणरायी विजयन को 23 अक्टूबर को कोच्चि में पूछताछ के लिए बुलाया है। सीपीआई(एम) ने इसे राजनीतिक साजिश कहा, जबकि कांग्रेस के भीतर एफआईआर में देरी पर सवाल उठ रहे हैं।
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