बेंगलुरु: कर्नाटक के घरों के रसोई खर्च में अगले महीने से एक और जोड़ लगने जा रहा है. कैबिनेट ने गुरुवार की बैठक में नंदिनी दूध के दाम 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने की मंजूरी दे दी.
नए दाम 1 नवंबर से लागू होंगे. यानी शनिवार से ही दूध के पैकेट पर नया आंकड़ा दिखने लगेगा.
यह फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया गया, ऐसी जानकारी सामने आई है. बढ़ोतरी की ठीक-ठीक वजह क्या है, किन वैरायटी पर कितना असर पड़ेगा और किसानों को दी जाने वाली खरीद कीमत बढ़ाई जाएगी या नहीं, इन बातों का ब्योरा सरकार ने अब तक जारी नहीं किया है.
8 रुपये कम लगते हैं, लेकिन महीने के हिसाब से यह जुड़कर दिखता है. रोज दो लीटर दूध इस्तेमाल करने वाले चार सदस्यों के परिवार का खर्च महीने में करीब 480 रुपये बढ़ जाएगा. रोज एक लीटर पर यह करीब 240 रुपये होगा.
कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) के नंदिनी ब्रांड की राज्य में बड़ी पकड़ है. दूध के पैकेटों के अलावा दही, छाछ, मक्खन और खोया जैसे उत्पादों के दाम भी इसी फैसले से बदलेंगे या नहीं, यह अभी साफ नहीं है.
दाम बढ़ाने की घोषणा ऐसे वक्त हुई है जब राज्य में महंगाई और कृषि उपज की कीमतें बहस का विषय हैं. दूध महंगा होने का असर चाय, कॉफी, मिठाई और होटल कारोबार पर भी पड़ता है, ऐसा अनुभव रहा है.
विपक्ष इससे पहले भी दूध के दाम बढ़ाने पर सरकार पर हमला कर चुका है. मगर इस बढ़ोतरी को लेकर कैबिनेट के फैसले का ब्योरा सरकार के आधिकारिक बयान में अब तक नहीं आया है.
अगले कुछ दिनों में केएमएफ हर वैरायटी के नए दाम जारी करेगा, ऐसी उम्मीद है. तब तक उपभोक्ता के पास इतना ही पता है — 1 नवंबर से पैकेट 8 रुपये महंगा.