श्रीनगर: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर मंत्रिपरिषद का विस्तार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के घाटी लौटने के बाद होगा। उमर अब्दुल्ला सरकार में लंबे समय से टल रहे फेरबदल को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।
बडगाम जिले में पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. अब्दुल्ला ने कहा, "उपराज्यपाल की तबीयत ठीक नहीं थी। वे बीमार थे। जब वे लौटेंगे, तब सरकार का विस्तार होगा।"
ये बयान ऐसे समय आया जब नेशनल कॉन्फ्रेंस की अगुवाई वाली सरकार ने 16 अक्टूबर को दो साल पूरे किए, और प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस रिपोर्ट पर कि उपराज्यपाल जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पांच सदस्य मनोनीत कर सकते हैं, एनसी प्रमुख ने कहा कि स्थिति स्पष्ट नहीं है और इन्हें अटकलें बताया। उन्होंने कहा, "ये सब कयास हैं। अलग-अलग जगहों से कई बातें कही जा रही हैं, लेकिन अब तक कुछ सामने नहीं आया।"
एनसी सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे की खबरों पर डॉ. अब्दुल्ला ने कुछ नहीं कहा और इसे सांसद का फैसला बताया।
उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी की आलोचना करते हुए कहा, "केंद्र सरकार ने वादा किया था कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल होगा। चुनाव करीब दो साल पहले हुए। उस वादे का क्या हुआ?"
डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि एनसी सांसदों ने जनवरी में केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की थी और उन्हें भरोसा दिया गया था कि उपराज्यपाल व निर्वाचित सरकार की शक्तियां तय करने वाले बिजनेस रूल्स लाए जाएंगे। उन्होंने कहा, "दस महीने बीत गए, लेकिन बिजनेस रूल्स अब तक नहीं आए।"
उन्होंने हरियाणा में जम्मू-कश्मीर की ओर जा रही बसों पर हमले का भी जिक्र किया और कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हरियाणा के समकक्ष से बात कर जांच और मुआवजे की मांग की है।