मुख्य सामग्री पर जाएं
मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री को लोक निर्माण, सागर को राजस्व; जम्मू-कश्मीर में विभागों का बंटवारा

कैबिनेट विस्तार के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आठ मंत्रियों को विभाग आवंटित करने का आदेश जारी किया। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी को लोक निर्माण, उद्योग और कौशल विकास मिला। किसी मंत्री को न दिए गए विभाग मुख्यमंत्री के पास रहेंगे।

· · 1 मिनट में पढ़ें

श्रीनगर: कैबिनेट विस्तार के अगले ही दिन जम्मू-कश्मीर में आठ मंत्रियों के विभाग तय हो गए। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को सरकारी आदेश जारी कर यह बंटवारा बताया।

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी के पास लोक निर्माण (सड़क और भवन), उद्योग एवं वाणिज्य, श्रम एवं रोजगार तथा कौशल विकास विभाग आए हैं।

अली मोहम्मद सागर को राजस्व, बिजली विकास, विधि-न्याय एवं संसदीय कार्य, आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास और चुनाव विभाग मिला है।

सकीना मसूद इट्टू के पास स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तथा समाज कल्याण विभाग बरकरार रहेंगे। जावेद अहमद राना को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, जनजातीय मामले और परिवहन दिया गया।

जावीद अहमद दार के पास कृषि उत्पादन, वित्त, खनन और सहकारिता विभाग आए हैं। मीर सैफुल्ला को योजना, विकास एवं निगरानी, संस्कृति, युवा सेवाएं एवं खेल तथा प्रशासनिक सुधार एवं प्रशिक्षण मिला।

शमीम फिरदौस के पास स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और जल शक्ति हैं। अल्ताफ अहमद वानी को वन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज दिया गया।

किसी मंत्री को न दिए गए विभाग और विषय मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पास रहेंगे, ऐसा आदेश में कहा गया है। यह आदेश जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश सरकार के कामकाज के नियमों के नियम 4(2) के तहत जारी हुआ।

मंगलवार के विस्तार में चार विधायक शामिल हुए और मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल की संख्या नौ हो गई। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत यही अधिकतम अनुमत संख्या है।

इस फेरबदल में निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से बाहर किया गया। उनके पास पहले खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल तथा प्रशासनिक सुधार जैसे विभाग थे। इससे जम्मू के एक हिस्से का प्रतिनिधित्व मंत्रिमंडल में नहीं रहा, ऐसी चर्चा हुई।

विस्तार के बाद पहली बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई। अगली बैठक जम्मू में होने की संभावना है — द्विवार्षिक दरबार शिफ्ट के बाद 2 नवंबर को वहां दफ्तर खुलेंगे।

नए मंत्रियों को अपने विभागों का कामकाज समझकर अगली बैठक के लिए विषय तैयार रखने को कहा गया है, ऐसा पता चला है।