श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर अपना नागरिक सचिवालय सर्दियों के लिए श्रीनगर से जम्मू शिफ्ट करेगा, सरकार ने यह ऐलान किया। डेढ़ सौ साल पुरानी दरबार मूव परंपरा लगातार दूसरे साल बरकरार रही।
5 दिन का हफ्ता वाले दफ्तर 30 अक्टूबर को कामकाज के बाद श्रीनगर में बंद होंगे, जबकि 6 दिन वाले 31 अक्टूबर को बंद होंगे। सभी दफ्तर 2 नवंबर को जम्मू में दोबारा खुलेंगे। इस शिफ्टिंग में करीब 151 विभाग और दस हजार से ज्यादा कर्मचारी शामिल होंगे।
डोगरा राज के दौर में शुरू यह परंपरा जम्मू की गर्मी और घाटी की कड़क सर्दी से बचने के लिए निकाली गई थी। 1947 में डोगरा शासन खत्म हुआ, पर प्रथा जारी रही। जून 2021 में तत्कालीन उपराज्यपाल प्रशासन ने ई-ऑफिस की दलील देकर इसे रोक दिया था; कहा गया था कि इससे सालाना करीब 200 करोड़ रुपये बचेंगे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 2025 में इसे फिर शुरू किया। चार साल के अंतराल के बाद 3 नवंबर 2025 को दफ्तर जम्मू पहुंचे। उन्होंने इसे चुनावी वादा पूरा होने बताया था।
डोगरा दौर की इस परंपरा के चलते गर्मियों की राजधानी श्रीनगर में अप्रैल के आखिर में और सर्दियों की राजधानी जम्मू में अक्टूबर के आखिर में दफ्तर शिफ्ट होते हैं। प्रशासन के मुताबिक ई-ऑफिस व्यवस्था से हर साल करीब 200 करोड़ रुपये बचेंगे, पर नेताओं और कर्मचारियों का बड़ा वर्ग हर साल तबादले की मांग करता रहा। पिछले साल जम्मू में दफ्तर फिर खुलने पर जोरदार स्वागत हुआ था।
इस बार सरकार के शेड्यूल के मुताबिक सर्दियों की शिफ्टिंग तय समय पर हो रही है। नवंबर के पहले हफ्ते में दफ्तर जम्मू से काम शुरू करेंगे।