श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल विस्तार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के घाटी लौटने के बाद ही होगा, ऐसा नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा। बडगाम में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने देरी की वजह उपराज्यपाल की तबीयत बताई।
“उपराज्यपाल ठीक नहीं थे। वे बीमार थे। उपराज्यपाल आएंगे तो सरकार का विस्तार होगा,” अब्दुल्ला ने कहा। उपराज्यपाल विधानसभा में पांच सदस्य मनोनीत कर सकते हैं, इस पर उन्होंने साफ कहा कि कोई स्पष्टता नहीं है और ये बातें सिर्फ अनुमान हैं। एनसी सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी के इस्तीफे की चर्चा पर उन्होंने कहा कि फैसला सांसद का है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली एनसी सरकार ने 16 अक्टूबर को दो साल पूरे किए, फिर भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ। एनसी ने सहयोगी कांग्रेस को मंत्रिपद की पेशकश की थी, मगर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने तक बाहर से समर्थन देने का कांग्रेस ने फैसला किया। इससे जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधित्व और मंत्रिपद का इंतजार कर रहे विधायकों की नाराजगी के मुद्दे बने हुए हैं।
फारूक अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल न होने पर केंद्र पर निशाना साधा। “चुनाव के बाद राज्य का दर्जा लौटाने का केंद्र ने वादा किया था; दो साल बीत गए, मगर वादा पूरा नहीं हुआ,” उन्होंने सवाल किया। अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को उन्होंने गलत बताया।
जम्मू-कश्मीर में अभी पांच मंत्री ही विभिन्न विभाग संभाल रहे हैं। कुछ पद रिक्त रहने से स्वास्थ्य, शिक्षा और लोक निर्माण जैसे क्षेत्र प्रभावित होने की चिंता है। मंत्रिमंडल विस्तार में किन चेहरों को जगह मिलेगी, इस पर एनसी में जोरदार लॉबिंग बताई जाती है। विस्तार में देरी होने पर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ सकता है।