नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 30 अक्टूबर को जीएसएलवी मार्क-2 रॉकेट से NVS-03 नेविगेशन सैटेलाइट लॉन्च करेगा। यह प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से होगा।
इस सैटेलाइट से करीब 12,000 ट्रेनों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग के सरकार के लक्ष्य को मदद मिलेगी। फिलहाल करीब 8,700 ट्रेनों में यह प्रणाली लगाई जा चुकी है। यह नाविक, यानी भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट प्रणाली का हिस्सा है, जो देश और आसपास के इलाकों में स्थान व समय की सेवा देती है।
रेल यातायात की योजना, ट्रेनों की आवाजाही के हिसाब से समय-सारिणी सुधारने और हादसे रोकने के लिए सटीक लोकेशन उपलब्ध कराने में यह प्रणाली काम आएगी। इसरो ने बताया कि प्रक्षेपण की तैयारी अंतिम चरण में है।
इस बीच मौसम विभाग ने केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट है। पुदुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है; 26 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना है।
नाविक प्रणाली किसानों, मछुआरों, परिवहन और आपातकालीन सेवाओं के लिए सटीक लोकेशन मुहैया कराती है। रेलवे के फॉग पायलट प्रोजेक्ट जैसे कामों में इस तकनीक का इस्तेमाल होता है। इसरो के इस प्रक्षेपण से देश की स्वदेशी उपग्रह नेविगेशन क्षमता मजबूत होगी। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मछुआरों को सतर्क रहने को कहा गया है। अधिकारियों के मुताबिक स्वदेशी उपग्रह तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ाना सरकार की नीति है।