बेंगलुरु: उड़ान के आधे घंटे बाद एक यात्री को टॉयलेट में कागज का टुकड़ा मिला। उस पर विमान अपहरण की धमकी लिखी थी। अगले दो घंटों में 178 यात्रियों वाला विमान वहीं लौट आया, जहां से उड़ा था।
शनिवार शाम करीब 5:50 बजे इंडिगो की उड़ान 6E 451 बेंगलुरु से लखनऊ के लिए उड़ी थी। करीब 30 मिनट बाद एक यात्री ने टॉयलेट में मिली पर्ची केबिन क्रू को दिखाई।
विमान को तुरंत बेंगलुरु लौटाया गया। हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 पर पूर्ण आपातकाल घोषित किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने विमान को अलग कर मानक प्रक्रिया के तहत तलाशी ली।
"90 मिनट की गहन तलाशी के बाद हमने इसे फर्जी घोषित किया," एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया।
तलाशी खत्म होने के बाद विमान ने शनिवार रात ही बाकी यात्रा पूरी की।
पर्ची किसने लिखी, यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है। इस रिपोर्ट तक किसी गिरफ्तारी की खबर नहीं है।
ऐसी धमकियां भारतीय हवाई अड्डों पर नई नहीं हैं। हर धमकी के बाद आपातकालीन प्रक्रिया चलानी पड़ती है — विमान को अलग करना, यात्रियों और सामान की दोबारा जांच, और उड़ान में देरी। ज्यादातर मामलों में धमकी फर्जी निकलती है, पर प्रक्रिया कम नहीं की जा सकती।
यात्रियों के लिए इसका मतलब क्या? विमान देर से क्यों उड़ा, इसका जवाब उन्हें हवाई अड्डे पर ही नहीं मिला। 178 लोगों का पूरा कार्यक्रम एक कागज के टुकड़े से बदल गया।
इंडिगो ने इस घटना पर अलग बयान जारी किया है या नहीं, यह इस रिपोर्ट तक स्पष्ट नहीं है। हवाई अड्डा प्रशासन और पुलिस से और जानकारी की उम्मीद है।
जांच का अगला कदम साफ है — पर्ची की लिखावट, टॉयलेट जाने वाले यात्रियों की सूची और सीसीटीवी फुटेज।