मुंबई: ऊर्जा, कनेक्टिविटी और मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रम — इन तीन मुद्दों के इर्द-गिर्द भारत, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात की त्रिपक्षीय बैठक घूमी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और यूएई के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के बीच यह बैठक हुई। इसमें विचारों का आदान-प्रदान हुआ, ऐसा जयशंकर ने बताया।
जयशंकर ने यूएई के विदेश मंत्री के साथ अलग बैठक भी की। इसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, परिवहन व लॉजिस्टिक्स, रक्षा और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई। भारत-अमेरिका और भारत-यूएई दोनों रिश्तों के जरिए ऊर्जा और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अमेरिकी विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान मुंबई में भी कार्यक्रम रहे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गेटवे ऑफ इंडिया पर रुबियो की अगवानी की और उन्हें पारंपरिक शॉल भेंट की। ताज महल पैलेस होटल में रुबियो ने आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
बातचीत का रुख आखिर में पश्चिम एशिया की ओर मुड़ा। जयशंकर ने नाहयान को बताया कि पश्चिम एशिया की हालत भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है और बातचीत तथा कूटनीति के रास्ते शांति कायम करने की कोशिश भारत जारी रखेगा।