नई दिल्ली : भारतीय उपयोगकर्ताओं ने टाइप करने की जगह बोलना शुरू किया, और उसका असर वैश्विक रैंकिंग में दिखा।
साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के हिसाब से भारत चैटजीपीटी का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन गया है, ओपनएआई इंडिया के प्रबंध निदेशक प्रभजीत सिंह ने बताया। जनवरी 2026 से देश में उपयोगकर्ताओं की संख्या दोगुनी हुई है। अगस्त में ओपनएआई जॉइन करने के बाद यह उनका पहला इंटरव्यू था।
"एक साल से भी कम में यह दोगुना हो रहा है। इससे अंदाजा मिलता है कि लोगों को इसकी प्रासंगिकता और गहरे इस्तेमाल कैसे मिल रहे हैं," सिंह ने कहा। फरवरी 2026 में ओपनएआई ने कहा था कि भारत में हर हफ्ते 10 करोड़ से ज्यादा चैटजीपीटी उपयोगकर्ता हैं। पिछले साल भारत दौरे पर सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भारत को सबसे तेज बढ़ता और उपयोगकर्ताओं में दूसरे नंबर का बाजार कहा था।
बढ़त की वजह इस्तेमाल का तरीका है। कई लोग टाइप न करके सीधे डिक्टेशन बटन दबाते हैं। इसलिए ओपनएआई का जोर आवाज, हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं पर है। "भारत के ज्यादातर लोग अंग्रेजी पहली भाषा के तौर पर नहीं बोलते। इसलिए असली जोर हिंदी और स्थानीय भाषाओं पर है," सिंह ने कहा। नीर और लहेर जैसी हिंदी आवाजों पर सालभर का काम नतीजे दिखा रहा है।
कम मेमोरी वाले एंट्री-लेवल स्मार्टफोन पर भी पूरा मॉडल चल सके, इस पर कंपनी काम कर रही है। सस्ती चैटजीपीटी गो योजना पहले भारतीय उपयोगकर्ताओं को एक साल मुफ्त दी गई थी।
आने वाले हफ्तों में यूपीआई और पेमेंट्स से जुड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। भारतीय ब्रांड चैटजीपीटी पर विज्ञापन दे सकें, इसके लिए रेजरपे के साथ काम चल रहा है।
कारोबारियों में भी बदलाव दिख रहा है। "साल की शुरुआत और पिछले साल के आखिर में आम रहे पायलट और डेमो के दौर से अब बड़े पैमाने के इस्तेमाल और प्रोडक्शन-लेवल डिप्लॉयमेंट की ओर असली बदलाव दिख रहा है," सिंह ने कहा। उन्होंने आंकड़े नहीं दिए।
छोटे कारोबारी भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। दुकानदार ग्राहकों के लिए त्योहारी संदेश बनाने में चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहे हैं और अकेले चलने वाली दुकानें मार्केटिंग व स्टॉक के लिए इसे आजमा रही हैं, ऐसा सिंह ने बताया। लेकिन इसका दायरा कितना है, इसके आंकड़े उन्होंने नहीं दिए।
सरकार के साथ बातचीत पर उन्होंने कहा कि कंपनी डेटा संरक्षण, मॉडल सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर बोल रही है। "कंपनियां और सरकारी ढांचा संभावित गड़बड़ करने वालों से सुरक्षित रहना चाहिए। इसलिए हम अलग-अलग स्तर की बातचीत में अपने मॉडल उपलब्ध करा रहे हैं," उन्होंने कहा। कौन से मॉडल, किसे और किन शर्तों पर, यह उन्होंने नहीं बताया।
फरवरी में हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में ओपनएआई ने मुंबई और बेंगलुरु में दफ्तर खोलने और ओपनएआई फॉर इंडिया शुरू करने की घोषणा की थी।