हैदराबाद: 1 नवंबर की शाम रामोजी फिल्म सिटी के पास गाड़ी रोकी गई। अंदर 6.78 करोड़ रुपये अंकित मूल्य की नकली 500 के नोटें थीं।
चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, पुलिस ने मंगलवार को बताया। इनकी पहचान मडुपोजू कर्नाकर, चिन्नोल्ला मणिक्य रेड्डी, चेरुकुपेल्ली रत्नाकर रेड्डी और करणम अजय कुमार के तौर पर हुई है।
पुलिस आयुक्त डॉ. तरुण जोशी के मुताबिक यह कार्रवाई अब्दुल्लापूरमेट पुलिस और शादनगर विशेष अभियान दल ने संयुक्त रूप से की। गाड़ी एनएच-65 पर रोकी गई।
जांच में कुंटलूर के किराए के मकान का पता चला। वहां नकली नोट छापने की यूनिट मिलने की बात पुलिस कहती है। प्रिंटर, लैपटॉप, नोट काटने की मशीनें और दूसरा सामान जब्त किया गया।
गिरोह का तरीका ही सबसे चर्चित हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक, पहले उन्होंने हर 1 लाख असली रुपये पर 3-4 लाख रुपये के नकली नोट देकर उन्हें चलन में लाने की कोशिश की। वह नाकाम रहा, तो तरीका बदल दिया।
सदस्य खरीदारों को असली नोट दिखाकर भरोसा बनाते। फिर दूसरे लोग पुलिस अधिकारी बनकर — नकली पहचान पत्र, वॉकी-टॉकी और नकली पिस्तौल के साथ — पहुंचते और कानूनी कार्रवाई की धमकी देते। खरीदारों के असली पैसे लेकर फरार हो जाते।
पुलिस के मुताबिक ऐसी दो घटनाओं में गिरोह ने क्रमशः 2 लाख और 3 लाख रुपये हड़पे।
6.78 करोड़ जब्त नोटों का अंकित मूल्य है, गिरोह की कमाई नहीं। इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट छापने के लिए कागज, स्याही और मशीनों की आपूर्ति श्रृंखला चाहिए।
अब जांच कुंटलूर यूनिट से पीछे की ओर जाएगी — कागज, स्याही और प्लेट कहां से आए और यह प्रेस कितने दिन चला।
आगे की जांच जारी है, पुलिस आयुक्त ने बताया।