चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा 26 नवंबर को विशेष सत्र बुलाएगी. संविधान दिवस के मौके पर यह सत्र होगा, ऐसा ऐलान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को किया.
कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैनी ने कहा कि सदन के इस विशेष सत्र में संविधान के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होगी. यह फैसला राज्य में चल रहे संविधान पखवाड़े के कार्यक्रमों से निकला है.
सोमवार को विधानसभा ने संविधान पखवाड़े के तहत 'जनप्रतिनिधि सम्मेलन' रखा था. इसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत राज्य के कई नेता शामिल हुए. अगले ही दिन विशेष सत्र की तारीख सामने आ गई.
सत्र कितने दिन चलेगा, उसमें कोई प्रस्ताव पास होगा या नहीं, इसका जिक्र सैनी के बयान में नहीं था. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि संविधान के विभिन्न पक्षों पर बहस होगी.
पखवाड़े के कार्यक्रमों ने राज्य की राजनीति का फोकस इन दिनों संविधान पर ला दिया है. विधानसभा परिसर में हुए सम्मेलन से सत्ता पक्ष को राजधानी में एक मंच मिला, और अब वही मंच सदन के भीतर ले जाया जाएगा.
विपक्ष भी इस सत्र में अपनी बात रखेगा. संविधान का मुद्दा ऐसा है जिसे कोई दल छोड़ नहीं सकता, इसलिए बहस के राजनीतिक होने की गुंजाइश है. विधानसभा की कार्यसलाहकार समिति को अब सत्र का कैलेंडर तय करना होगा.
शीतकालीन सत्र में अभी महीनों की दूरी है. उससे पहले 26 नवंबर का एक दिन सदन को मिल रहा है.
सत्र कितने बजे शुरू होगा और कितने दिन चलेगा, यह अब तक घोषित नहीं हुआ. विधानसभा की अधिकृत अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है और सत्र का कैलेंडर भी घोषित नहीं है.