22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या फर्क होता है?
24 कैरेट सोना (999 फाइनेनेस): इसे 99.9% शुद्ध सोना माना जाता है। यह बहुत नरम होता है, इसलिए इससे सीधे टिकाऊ गहने नहीं बनाए जा सकते। इसे मुख्य रूप से सिक्कों और गोल्ड बार के रूप में निवेश के लिए खरीदा जाता है। 22 कैरेट सोना (916 हॉलमार्क): इसमें 91.6% सोना होता है और बाकी हिस्सा तांबे या चांदी का होता है। इससे धातु में मजबूती आती है, इसलिए टिकाऊ और बारीक नक्काशी वाले गहने बनाने के लिए 22 कैरेट सोना सबसे अच्छा माना जाता है।
सोने के भाव किस वजह से बदलते हैं? अंतरराष्ट्रीय घटनाएं: अमेरिकी डॉलर की कीमत, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें और वैश्विक महंगाई का सीधा असर सोने पर पड़ता है। स्थानीय मांग: भारत में शादी के सीजन और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से भाव में तेजी आती है। टैक्स और आयात शुल्क: केंद्र सरकार की आयात नीति और स्थानीय कर ढांचा भाव तय करने पर असर डालते हैं।
सोना खरीदते समय ग्राहकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
हॉलमार्किंग (BIS हॉलमार्क): गहने खरीदते समय सुनिश्चित करें कि उस पर BIS का हॉलमार्क चिन्ह और 6 अंकों वाला HUID कोड हो।
मेकिंग चार्ज की तुलना: अलग-अलग सराफा दुकानों में घड़ाई शुल्क अलग हो सकता है, इसलिए बिल लेने से पहले मेकिंग चार्ज साफ-साफ जांच लें।
पक्का बिल: भविष्य में बिक्री या एक्सचेंज आसान हो, इसके लिए खरीद का पक्का जीएसटी बिल जरूर लें।