सांगली : स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अवैध मतों का मुद्दा फिर गरमाया है। 'दस हजार वोट रद्द हो रहे हैं, तो ऐसे स्नातकों और शिक्षकों को डिग्री किसने दी? इसकी जांच करनी पड़ेगी,' मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सांगली में तंज कसा।
महायुति के उम्मीदवारों के समर्थन में हुई सभा में वे बोल रहे थे। चुनाव प्रचार में अवैध मतदाताओं का सवाल केंद्र में रहते हुए फडणवीस ने इसे सीधे डिग्री देने वाली संस्थाओं की ओर मोड़ दिया। मतदाता सूचियों की खामियों पर प्रशासन को सख्त नजर रखनी चाहिए, ऐसा उनका लहजा था।
इसी सभा में उन्होंने राज्य के निवेश का हिसाब भी गिनाया। उद्योग क्षेत्र में महाराष्ट्र देश में अग्रणी रहने का दावा किया। पिछले साल राज्य में 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश करार हुए और विदेशी निवेश में भी राज्य पहले स्थान पर है, ऐसा उन्होंने कहा। नए उद्योगों के जरिए युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता बताई।
पुणे शिक्षक सीट पर भाजप-महायुति ने कौस्तुभ गावडे और स्नातक सीट पर स्मिता जाधव को उतारा है। महाविकास आघाड़ी ने शिक्षक सीट पर मौजूदा विधायक जयंत आसगावकर और स्नातक सीट पर हर्षदा जाधव-देशमुख को टिकट दिया है। शिक्षक सीट पर निर्दलीय दत्तात्रय सावंत और सचिन सानप भी जोरदार प्रचार कर रहे हैं।
मतदाता सूचियों की पड़ताल और अवैध मतों पर सियासत तेज होने के बीच फडणवीस के इस तंज से शिक्षक-स्नातक सीट की लड़ाई और रोचक हो गई है।