बीड: बीड जिले के दो दशहरा मेलावों से मंगलवार (20 अक्टूबर) को अलग-अलग सुर निकले।
सावरगाव घाट के श्रीक्षेत्र भगवान भक्तीगढ़ पर मंत्री पंकजा मुंडे की मौजूदगी में हुए मेलावे में विधायक धनंजय मुंडे लगातार दूसरी बार शामिल हुए। भाषण के लिए खड़े होते ही जोरदार नारेबाजी शुरू हुई, जिस पर उन्होंने चुटीली टिप्पणी की और भीड़ ठहाके लगाने लगी।
उन्होंने कहा कि गोपीनाथ मुंडे और पंकजा मुंडे ने बीड जिले में विकास की गंगा बहाई, उन्होंने भी गन्ना कटाई मजदूरों के हित में कई फैसले लिए, फिर भी आखिर में तंज सहना पड़ा।
"पिछले दशहरा मेलावे में बोला और अब बोला, बाकी कहीं अपनी बात नहीं रखी। अब बहुत सह लिया," कहते हुए उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर की। शायरी का सहारा लेते हुए उन्होंने विरोधियों से कहा, "आप चाहे जितना बोलें, मैं नहीं बोलूंगा। कुछ महफिलें मेरी तबाही के लिए बैठी हैं, लेकिन उन्हें अभी पता नहीं कि हवा का रुख बदल रहा है।"
आष्टी तालुका के श्रीक्षेत्र मच्छिंद्रनाथ गढ़ पर मंगलवार को हुए दूसरे मेलावे में विधायक सुरेश धस ने किसानों को हौसला दिया। सूखे की गंभीरता समझकर आर्थिक नियोजन करें और भावनाओं में बहकर कोई कदम न उठाएं, ऐसा उन्होंने कहा।
"मुश्किल में हों तो एक फोन करें। आपकी मदद के लिए 24 घंटे मौजूद हैं," धस ने भरोसा दिया। आने वाले दिनों में सूखा और भीषण हो सकता है, इसलिए संयम रखें और परिवार का कमाने वाला सदस्य फिजूलखर्ची टाले, ऐसी अपील उन्होंने की।
उन्होंने कहा कि सूखे की मार सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, पशुधन और वन्यजीव भी त्रस्त हैं, उनकी सुरक्षा के लिए सामूहिक कोशिशें जरूरी हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सूखे से निपटने की कोशिशें होंगी और संकट में कोई अकेला नहीं छूटेगा, धस ने साफ किया।