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दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनों पर रोक: पुलिस ने प्रदर्शन के लिए 3 नए मैदान तय किए

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर आंदोलन, धरने और प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है और इनके लिए तीन नए मैदान तय किए हैं। फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों पर आधारित है और 2022 के स्थायी आदेश में आंशिक बदलाव करता है।

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नई दिल्ली:

देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर, जो लंबे समय से आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है, अब किसी भी तरह के आंदोलन, धरने और प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। आंदोलनकारियों के लिए दिल्ली पुलिस ने तीन नई जगहें तय की हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर बनी समिति की सिफारिशों के बाद दिल्ली पुलिस ने यह बड़ा फैसला लिया है और इससे जुड़ा आधिकारिक परिपत्र जारी किया है।

प्रदर्शन के लिए तय की गईं तीन नई जगहें दिल्ली पुलिस के जारी आदेश के मुताबिक राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, छात्रों और कर्मचारियों को आंदोलन और सभाएं करने के लिए ये तीन जगहें मंजूर की गई हैं:

रामलीला मैदान (Ramlila Ground)

बुराड़ी मैदान (Burari Ground)

सीबीडी ग्राउंड (CBD Ground, पूर्वी दिल्ली)

गृह मंत्रालय ने बनाई थी विशेष समिति दिल्ली पुलिस के आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आंदोलनों के लिए उपयुक्त, सुरक्षित और वैकल्पिक जगहें खोजने के लिए एक विशेष समिति बनाई थी। समिति का मुख्य मकसद ऐसी जगहें तलाशना था, जहां नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रख सकें, लेकिन वीवीआईपी इलाकों और यातायात में कोई बाधा न आए। समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर की जगह ये तीन स्थान आंदोलनों के लिए तय किए गए हैं।

जल्द जारी होंगे नियम नई दिल्ली पुलिस आयुक्त के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि इन तीनों नई जगहों पर आंदोलन के लिए नियम और सुरक्षा व्यवस्था पर अलग दिशानिर्देश (SOP) जल्द जारी किए जाएंगे। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पुराने स्थायी आदेश (स्टैंडिंग ऑर्डर) में आंशिक बदलाव करके लागू किया गया है।

जंतर-मंतर, जनआंदोलनों का मुख्य केंद्र दशकों से जंतर-मंतर देश में जनआंदोलनों, राजनीतिक आंदोलनों और मजदूरों-छात्रों के संघर्ष का सबसे बड़ा मंच रहा है।

अहम स्थान: जंतर-मंतर नई दिल्ली में कनॉट प्लेस के पास संसद मार्ग पर स्थित है।

प्रभाव: संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, केंद्रीय मंत्रालयों और प्रधानमंत्री कार्यालय के पास होने के कारण यहां होने वाले किसी भी आंदोलन पर राष्ट्रीय स्तर पर और मीडिया में तुरंत ध्यान जाता था। देश भर से अलग-अलग मांगों के साथ आने वाले आंदोलनकारी यहीं डेरा डालते थे।

लेकिन सुरक्षा के सवालों, वीवीआईपी इलाके में बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम और प्रशासनिक कामकाज सुचारु रूप से चलते रहने की जरूरत को देखते हुए प्रशासन ने आखिरकार जंतर-मंतर पर आंदोलनों पर स्थायी रोक लगा दी है। अब आंदोलन के लिए तय की गईं तीनों जगहें मध्य दिल्ली के व्यस्त और संवेदनशील इलाकों से कुछ दूर हैं।