नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली बैठकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, और कहा है कि केंद्र या उपराज्यपाल की बैठकों में लिए गए फैसले मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) तक पहुंचें।
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे हालिया संदेश में मुख्यमंत्री की बैठकों में शामिल होने और जरूरी सरकारी मामलों की जानकारी साझा करने का प्रोटोकॉल दोहराया। यह निर्देश तब आया जब पाया गया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री की बैठकों में शामिल नहीं हो पाए और केंद्र व उपराज्यपाल की बैठकों के फैसले सीएमओ को नहीं भेजे गए।
जीएडी ने कहा कि अप्रैल में दिए गए ऐसे ही निर्देश कुछ अधिकारियों ने नहीं माने और मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है।
अधिकारियों को कहा गया है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सीएमओ में बुलाई गई बैठकों में उनकी मौजूदगी सुनिश्चित हो। अगर ऐसी बैठक बाद में तय किसी बैठक से टकराए, तो आयोजकों से आगे बढ़ाने का अनुरोध करें और सीएमओ को पहले बताएं। अगर टकराव पहले तय बैठक से हो और हल न निकले, तो मामला सीएमओ के संज्ञान में लाएं।
विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए भी जीएडी ने निर्देश दिए। दिल्ली सरकार के किसी विभाग को केंद्र से नए कार्यक्रम, योजना या अहम विषय पर संदेश मिले तो उसकी प्रति मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालयों को भेजनी होगी, और जवाब की प्रति भी।
दिल्ली में केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल का सवाल हमेशा चर्चा में रहता है। अधिकारियों को बैठकों की प्राथमिकता और सूचना के प्रवाह को तय करने के निर्देश उसी पृष्ठभूमि का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय को बार-बार प्रोटोकॉल याद दिलाना पड़ रहा है।