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दापोली में कृषि पर्यटन और फूड पार्क, कोंकण के किसानों को मिलेगा बाजार

रत्नागिरी जिले के दापोली तालुका में टांगर बांध के पास 'आइडियल एग्रो टूरिज़्म' एक बड़ा कृषि पर्यटन परिसर और फूड पार्क बना रहा है। यह परियोजना पर्यटन, प्रसंस्करण और सीधे बाजार को जोड़ती है।

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दापोली में 'आइडियल एग्रो टूरिज़्म' की कृषि पर्यटन परियोजना

दापोली (रत्नागिरी):

प्राकृतिक सौंदर्य से भरे कोंकण में दापोली तालुका में एक महत्वाकांक्षी पहल आकार ले रही है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को सिर्फ घुमाने और ठहराने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सीधे मिट्टी और पारंपरिक खेती से जोड़ना है। दापोली के टांगर बांध के विस्तृत परिसर में 'आइडियल एग्रो टूरिज़्म एलएलपी' की ओर से एक बड़े कृषि पर्यटन परिसर की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आने वाले पर्यटकों को कृषि संस्कृति का समृद्ध अनुभव मिलेगा, और साथ ही स्थानीय किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए एक सुसज्जित 'फूड पार्क' की अवधारणा भी लागू की जा रही है।

सिर्फ ठहराव नहीं, खेती के जीवन का असली अनुभव

शहरी पर्यटकों को ग्रामीण जीवन, पशुधन और पारंपरिक खेती के तरीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से यह परिसर विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटक खेती से जुड़े कई व्यवसायों का प्रदर्शन नजदीक से देख सकेंगे:

मुर्गी पालन (Poultry Farming): देसी और उन्नत नस्लों की मुर्गियों का पालन।

बकरी पालन (Goat Farming): आधुनिक और बाड़ों में बकरी पालन का प्रबंधन।

मत्स्य पालन (Fisheries): बांध के पानी की उपलब्धता पर आधारित मीठे पानी की मछली खेती।

गोपालन और डेयरी (Dairy Farming): देसी गायों का संवर्धन और पारंपरिक गोपालन पद्धतियां।

मौसमी फसलें और बागवानी: कोंकण की पारंपरिक धान की खेती तथा आम, काजू, सुपारी और नारियल के बागों में काम का प्रत्यक्ष अनुभव।

फूड पार्क: स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण से मूल्यवर्धन कोंकण के किसानों के लिए अपनी उपज का सही दाम और बाजार पाना लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। इसी से निपटने के लिए इस कृषि पर्यटन परिसर में 'फूड पार्क' बनाया जा रहा है।

इस फूड पार्क के जरिए: स्थानीय किसानों और बागवानों की कृषि उपज का सीधे प्रसंस्करण किया जाएगा।

फल, अनाज और मसालों का प्रसंस्करण करके विभिन्न उत्पाद बनाए जाएंगे, जिससे उत्पादों का मूल्यवर्धन होगा।

पर्यटन के लिए आने वाले हजारों पर्यटकों के जरिए स्थानीय उत्पादों को सीधे ग्राहक और टिकाऊ बाजार मिलेगा।

स्थानीय युवाओं को प्रसंस्करण उद्योग और पर्यटन क्षेत्र में सीधे स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।

कृषि, पर्यटन, प्रसंस्करण और बाजार का सुनहरा संगम

'कृषि • पर्यटन • प्रसंस्करण • बाजार' के चार सूत्रों पर आधारित यह परियोजना कोंकण की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी, ऐसा विश्वास आइडियल एग्रो टूरिज़्म की ओर से जताया गया है। 'शोध अस्सल कोकणचा' (असली कोंकण की खोज) के ब्रीदवाक्य के साथ चल रही इस पहल से कोंकण के युवाओं को अपने गांव में ही टिकाऊ कारोबार खड़ा करने की नई प्रेरणा मिलेगी।

इस नवाचारी परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी, भागीदारी या पंजीकरण के लिए इच्छुक लोग +91 80978 52121 पर संपर्क करें, ऐसी अपील आइडियल एग्रो टूरिज़्म एलएलपी के प्रबंधन ने की है।