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सात मौतें, 2.24 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद; अर्नब के बाद आंध्र में नुकसान की गिनती

अर्नब चक्रवात ने बुधवार तड़के 2 से 8 बजे के बीच नरसापुर के पास आंध्र तट पार किया, तब हवा की रफ्तार 115 से 135 किमी प्रति घंटा थी. सात लोगों की मौत हुई है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हर मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की और केंद्रीय टीम मांगी है.

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अमरावती: तूफान के तट से गुजर जाने के अगले दिन आंध्र के हिसाब में तीन आंकड़े दर्ज हैं — सात मौतें, 2,24,489 हेक्टेयर पर खड़ी फसल बर्बाद और करीब 15 हजार बिजली के खंभे उखड़े हुए.

अर्नब ने बुधवार तड़के 2 से 8 बजे के बीच छह घंटे में पश्चिम गोदावरी के नरसापुर के पास तट पार किया. उस वक्त हवा 115 से 135 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी और झोंके 150 किमी तक पहुंच रहे थे. दिन चढ़ने के साथ तूफान कमजोर पड़ता गया और रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया.

मौतें अलग-अलग वजहों से हुईं. विशाखापत्तनम और अनकापल्ली में बिजली के करंट से तीन लोगों की जान गई — टूटे तार की चपेट में आए 65 वर्षीय देवुडू, बालाजी नगर में खंभा गिरने से मारी गईं 49 वर्षीय माधवी, और येल्लामंचिली में घर के बाहर पड़े जिंदा तार पर पैर पड़ने से मारी गईं 55 वर्षीय महिला. भीमावरम में पेड़ गिरने से चोक्का किशोर (45) और खंभा गिरने से रामबाबू की मौत हुई. पूर्वी गोदावरी में बाढ़ के पानी में बह गईं करम सत्यवती (35) और कोनासीमा में खंभा गिरने से मारी गईं 50 वर्षीय महिला भी इसी सूची में हैं.

मुख्यमंत्री नायडू ने हर मृतक के परिवार के लिए 5 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की. बाढ़ में डूबे घरों वाले परिवारों को 25 किलो चावल — मछुआरा और बुनकर परिवारों को 50 किलो — के साथ दाल, प्याज, चीनी, आलू और पाम ऑयल मिलेगा. राहत शिविरों में रहने वालों को प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये, परिवार को अधिकतम 3,000 रुपये; आधे क्षतिग्रस्त घरों के लिए 10,000 रुपये. फसल नुकसान पर धान, कपास, मूंगफली और गन्ने के लिए 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, केले के लिए 15,000 और टमाटर के लिए 25,000 रुपये तय हुए हैं.

14 जिलों में करीब 3.45 लाख किसानों की फसल जाने की प्रारंभिक जानकारी नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजे पत्र में दी. उन्होंने नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम जल्द भेजने का अनुरोध किया. करीब 180 मकान ढहे, जिनमें ज्यादातर कोनासीमा के हैं. राज्य की सड़कों पर 220 से ज्यादा पेड़ गिरे थे, जिनमें से 170 से अधिक हटा दिए गए.

बिजली को सबसे ज्यादा चोट लगी. पूर्वी विद्युत वितरण कंपनी (APEPDCL) के 11 जिलों में 25.33 लाख उपभोक्ताओं की आपूर्ति ठप हुई, 6,270 खंभे गिरे और 374 वितरण ट्रांसफार्मर बिगड़े. बिजली ढांचे का नुकसान करीब 11.69 करोड़ रुपये आंका गया है.

पड़ोसी ओडिशा में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य ने 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य हासिल किया. फिर भी गंजाम और गजपति जिलों में रिकॉर्ड बारिश हुई — पात्रापुर में 546 मिमी. बाढ़ में फंसे 2,000 से ज्यादा लोगों को हवाई मार्ग से निकालने के लिए गृह मंत्रालय के समन्वय से तटरक्षक बल का हेलिकॉप्टर मंगाया गया है.

अमित शाह ने चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की और बताया कि एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं. आंध्र और ओडिशा में मिलाकर 1.8 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है. नायडू गुरुवार को कोनासीमा या पश्चिम गोदावरी जिले का दौरा करेंगे.