नई दिल्ली: कांग्रेस कार्यसमिति ने मंगलवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित "वोट चोरी" पर "नैतिक आधार" पर इस्तीफा दें। समिति ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता वाली कार्यसमिति ने एसआईआर प्रक्रिया रोकने और कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं को सूची में बहाल करने की भी मांग की। यह प्रस्ताव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने मीडिया के सामने पढ़ा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बहस का नेतृत्व किया और कहा कि देश अब वह मान रहा है जो पार्टी मतदाता सूची पर कहती आ रही है। कार्यसमिति ने कार्ययोजना तय नहीं की और इसे इंडिया गठबंधन पर छोड़ दिया, जिसकी बैठक बुधवार को होनी थी।
खरगे ने कहा कि वे 21 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान एसआईआर, प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास और महिला आरक्षण लागू करने को लेकर अपनी चिंताएं बताएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री को लिखा है।
सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस का सहयोग बार-बार मांगा और कई दलों से परामर्श किया।
कांग्रेस और कई अन्य दल एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके बारे में उनका कहना है कि इससे बड़े पैमाने पर मतदाता हटाए गए। चुनाव आयोग का कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक बनाना है और पात्र मतदाता फिर से नाम जुड़वा सकते हैं।