नई दिल्ली: क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनडीसीएक्स ने माना है कि जुलाई 2025 की सुरक्षा चूक से जुड़े पुराने, बंद किए गए वॉलेट में कुछ उपयोगकर्ताओं के पैसे जमा करते रहने से करीब 16 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
कंपनी के मुताबिक, उन पुराने वॉलेट में जमा रकम को निकालने की प्रक्रिया कुछ समय के लिए ठप पड़ी थी। उसी दौरान जोखिम वाले वॉलेट का गलत इस्तेमाल हुआ।
कॉइनडीसीएक्स ने कहा कि प्रभावित उपयोगकर्ताओं के खातों में रकम डाल दी गई है और ग्राहकों का फंड सुरक्षित है। कंपनी ने दावा किया कि नुकसान उसने खुद उठाया।
इस घटना ने भारत के क्रिप्टो सेक्टर में सुरक्षा और नियमन को लेकर चिंताएं फिर बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों ने सख्त निगरानी और ऑडिट की मांग की है।
जुलाई 2025 में कॉइनडीसीएक्स पर हुई सुरक्षा चूक की चर्चा उस वक्त जोरों पर थी। नए खुलासे से साफ है कि उस घटना के असर अब भी जारी हैं।
क्रिप्टो एक्सचेंज पर ऐसी घटनाएं निवेशकों के भरोसे को प्रभावित करती हैं। भारत में क्रिप्टो संपत्ति का नियमन अभी विकसित हो रहा है, इसलिए विशेषज्ञ उपयोगकर्ताओं को खुद सतर्क रहने की सलाह देते हैं।
कंपनी ने बताया कि नियमित डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट और ई-साइन कारोबार पर इस घटना का असर नहीं हुआ।
क्रिप्टो विशेषज्ञों ने ऐसी घटनाएं रोकने के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट, फंड कोल्ड स्टोरेज में रखने और दो-चरणीय प्रमाणीकरण अनिवार्य करने की सलाह दी है। भारत में क्रिप्टो संपत्ति का नियमन अभी विकसित हो रहा है, इसलिए निवेशकों को जोखिम समझकर फैसला करने की सलाह दी जाती है। पुराने वॉलेट पते पर पैसे भेजने से बचने को भी कहा जाता है।