रायपुर: परिसीमन से छत्तीसगढ़ विधानसभा की सीटों की संख्या 90 से बढ़कर 135 होने की संभावना है, और महिला आरक्षण का प्रावधान लागू होने पर इनमें 45 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं. राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाली इस संभावना पर चर्चा हो रही है.
परिसीमन प्रक्रिया से लोकसभा और विधानसभा सीटें बढ़ सकती हैं. महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने वाला विधेयक केंद्र में लंबित है, इसलिए सीटें बढ़ने का सीधा असर राज्यों पर पड़ेगा. छत्तीसगढ़ में भी इसकी तैयारी शुरू होने की बात कही जा रही है.
वहीं, राज्य की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरकार के ही पुलिस-प्रशासन पर नाराजगी जताई. सूरजपुर जिले में स्कूटी सवार महिला की सड़क हादसे में मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर उन्होंने पुलिस-प्रशासन को फटकार लगाई.
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है. मंत्री की इस टिप्पणी से सत्तारूढ़ भाजपा में ही असहजता होने की बात कही जा रही है.
इस बीच, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दशहरे के मौके पर रायपुर की डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ उन्होंने रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद की नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई. ताडोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण भी हुआ.
राज्य में करीब 57 हजार करोड़ रुपये के रेल काम चल रहे हैं और छत्तीसगढ़ ने 100 फीसदी रेल विद्युतीकरण पूरा कर लिया है, ऐसा साय ने कहा.
छत्तीसगढ़ की राजनीति में परिसीमन और महिला आरक्षण चर्चा का विषय बन गए हैं. जागा बढ़ने पर नई सीटों का परिसीमन कैसे होगा, इस पर सबकी नजर है.
विशेषज्ञों के मुताबिक परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने में कुछ साल लग सकते हैं. महिला आरक्षण विधेयक संसद में पारित होने पर ही यह संभव होगा. वहीं, मंत्री राजवाड़े की टिप्पणी से सरकार में असहजता की बात कही जा रही है.