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भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने रोहित पवार को खुली चुनौती दी

पुणे के MPSC आंदोलन पर सत्ता और विपक्ष का टकराव अब निजी हो गया है। भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने विधायक रोहित पवार और विवेकानंद पाटील को भारतीय परंपरा और धर्मशास्त्र का ज्ञान साबित करने की चुनौती दी है।

लेखक: mukhymantri.com· · 2 मिनट में पढ़ें
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन

'किताब खोलकर भी श्लोक सुनाइए': नवनाथ बन

रोहित पवार और विवेकानंद पाटील पर निशाना साधते हुए नवनाथ बन ने कहा, "दोनों नेता रामरक्षा या भगवद्गीता का कोई श्लोक सुनाएं, या वारकरी संप्रदाय का कोई अभंग विस्तार से समझाकर बताएं। ऐसा करते समय उन्हें सामने किताब खोलकर रखने की छूट भी है।" इतना ही नहीं, "अगर इन विषयों पर 500 अंकों की परीक्षा ली जाए, तो रोहित पवार को पास होने लायक अंक लाना भी मुश्किल होगा," ऐसा व्यंग्यभरा तंज भी उन्होंने कसा।

अपने ऊपर हुई निजी टिप्पणी का जवाब देते हुए बन ने नाथ और वारकरी परंपरा का विस्तार से संदर्भ दिया। आदिनाथ से लेकर संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम तक इन परंपराओं का विस्तार कैसे हुआ, इसका ब्योरा देते हुए उन्होंने सांस्कृतिक मुद्दों पर विरोधियों को घेरने की कोशिश की।

'हमारे दादा स्वातंत्र्य सैनिक थे, पवारों के...': परिवार पर सीधा आरोप

अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए नवनाथ बन ने पवार परिवार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। "मैं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और घुमंतू-विमुक्त जनजाति से आता हूं। मेरे दादा स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने निजाम और रजाकारों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम के लिए अपनी जमीन-जायदाद बेच दी। लेकिन पवारों के पूर्वजों ने भ्रष्टाचार से अपनी संपत्ति खड़ी की," ऐसा आरोप उन्होंने लगाया।

विवाद की असल पृष्ठभूमि क्या है?

पुणे में चल रहे आंदोलन के दौरान विवेकानंद पाटील ने नवनाथ बन की निजी आलोचना करते हुए उन्हें "कचराकुंडी की बुद्धिमत्ता" कहा था। इस चुभती टिप्पणी के बाद भाजपा आक्रामक हो गई, और बन ने सांस्कृतिक और निजी मुद्दों पर पलटवार किया।

दूसरी ओर, विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में MPSC छात्रों का आंदोलन पिछले एक हफ्ते से पुणे में चल रहा है। पेपर लीक के मामलों और परीक्षाओं की गड़बड़ी के बीच आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि MPSC अध्यक्ष तुरंत इस्तीफा दें।

छात्रों के सवालों से शुरू हुआ यह टकराव अब धर्मशास्त्र, संतों के अभंग और परिवार पर आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नवनाथ बन की इस खुली चुनौती पर विधायक रोहित पवार और विवेकानंद पाटील क्या जवाब देते हैं, इस पर सबकी नजर है।