भाजपा के जनप्रतिनिधि सीधे मैदान में; मदद का सिलसिला शुरू
बारिश न होने से खरीफ फसलों का भारी नुकसान हुआ है और किसान आर्थिक संकट में फंस गया है। ऐसी गंभीर स्थिति में भाजपा के जनप्रतिनिधि केवल घोषणाएं करने के बजाय सीधे मदद के लिए आगे आए हैं। विधायक जितेश अंतापूरकर ने जो एक महीने का वेतन घोषित किया है, वह सूखाग्रस्त परिवारों की तत्काल मदद और राहत कार्यों में लगाया जाएगा।
इससे पहले लोहा-कंधार के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रतापराव पाटील चिखलीकर ने भी किसानों के प्रति प्रतिबद्धता निभाते हुए अपना एक महीने का मानदेय सूखा राहत के लिए देने का फैसला किया था। भाजपा के दोनों विधायकों की इस संवेदनशीलता से किसान वर्ग में राहत की भावना बन रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तत्काल राहत; विधायक निधि से 25 लाख रुपये का प्रावधान
इस सूखे की चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को युद्धस्तर पर लगा दिया है। नांदेड़ जिले के 16 में से 14 तालुके सूखाग्रस्त सूची में शामिल किए गए हैं और सरकार किसानों तक सभी सरकारी सहूलियतें तत्परता से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
खास बात यह है कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने सूखाग्रस्त तालुकों में पानी और चारे की समस्या जल्द सुलझाने के लिए विधायकों को उनकी स्थानीय विकास निधि (MLA फंड) से 25 लाख रुपये तक सीधे खर्च करने की विशेष अनुमति दी है। इस तेज फैसले से स्थानीय स्तर पर पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था करना काफी आसान हो गया है।
सटीक पंचनामे और तत्काल मदद के लिए भाजपा का पाठपुरावा
अपने निर्वाचन क्षेत्र के किसानों के साथ मजबूती से खड़े होते हुए विधायक जितेश अंतापूरकर ने कहा, "भाजपा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार हमेशा अन्नदाता के साथ खड़ी रही है। नुकसान झेलने वाले हर खेत के सटीक पंचनामे, तुरंत मुआवजा और सूखा सुविधाएं समय पर किसानों तक पहुंचाने के लिए हम खुद प्रशासन के स्तर पर सीधा पाठपुरावा कर रहे हैं। जब तक किसान को इस संकट से बाहर नहीं निकाला जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।"

