अयोध्या: सरयू के किनारे राम की पैड़ी पर शनिवार को दीयों का सैलाब उमड़ा. उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दीपोत्सव 2026 का उद्घाटन किया. यह इस उत्सव का दसवां संस्करण था.
उपराष्ट्रपति सचिवालय के मुताबिक राम की पैड़ी पर 30 लाख से ज्यादा दीये जलाने की योजना थी, जबकि पूरी अयोध्या में 70 लाख से ज्यादा दीये जलाए गए.
2017 में इस उत्सव की शुरुआत हुई थी, तब 1.7 लाख दीये जलाए गए थे. 2025 में यह आंकड़ा 26 लाख तक पहुंचा था.
राधाकृष्णन ने नया घाट पर सरयू आरती में हिस्सा लिया. रामायण के प्रसंग दिखाने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगीतमय आतिशबाजी भी उन्होंने देखी.
करीब 1,000 कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया. रामायण के दृश्य दिखाने के लिए 2,100 से ज्यादा स्वदेशी ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.
सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीपोत्सव जनभागीदारी का उत्सव बन गया है. अयोध्या के लाखों दीये करोड़ों भारतीयों के जीवन में बदलाव का प्रतीक हैं, ऐसा उन्होंने कहा.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को "दो योगी" कहा. "एक योगी आदित्यनाथ जी और दूसरे कर्मयोगी मोदी जी. दोनों प्रभु राम के दिखाए रास्ते पर चल रहे हैं," उन्होंने कहा.
इससे पहले उन्होंने श्री रामजन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए और राम कथा पार्क में राम-जानकी की विशेष पूजा और आरती में शामिल हुए.
उत्सव में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, मंत्री तथा संत-महंत मौजूद रहे.
दीये बनाने वाले कुम्हारों से लेकर ग्रामीण महिलाओं, कारीगरों, कलाकारों, होटल और होमस्टे चलाने वालों और परिवहनकर्मियों तक कई लोगों को इस उत्सव से रोजगार मिलता है, ऐसा उपराष्ट्रपति ने कहा.