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114 मेडल, पांच रिकॉर्ड और एक झंडा: पैरा एथलीट्स का शानदार स्वागत

आइची-नागोया में एशियाई पैरा गेम्स से भारत के पैरा एथलीट सर्वाधिक 114 मेडल — 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य — के साथ लौटे और चौथे स्थान पर रहे। विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली और समापन समारोह की ध्वजवाहक पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल चेन्नई पहुंचीं।

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चेन्नई: रविवार को चेन्नई एयरपोर्ट पर जो दल उतरा, उसके बैग में 114 मेडल थे और टीम का आकार पिछली बार से छोटा था।

भारत ने आइची-नागोया में एशियाई पैरा गेम्स में 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य के साथ चौथा स्थान हासिल किया। यह उसका अब तक का सबसे बड़ा कुल है, जो हांगझोउ के 108 से आगे है। जो बात इसे और खास बनाती है: इस बार सिर्फ 168 भारतीय पैरा एथलीट मैदान में थे, पिछली बार 309।

पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल इस अभियान का चेहरा रहीं। उन्होंने दो स्वर्ण जीते, विश्व रिकॉर्ड समेत पांच रिकॉर्ड बनाए, और समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक बनीं। महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन SH1 में उनका 357.5 विश्व रिकॉर्ड रहा। 10 मीटर एयर राइफल SH1 में उन्होंने क्वालिफिकेशन और फाइनल में 629.1 और 250.0 के साथ एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड बनाए।

"मुझे मेडल की उम्मीद थी, लेकिन जब एक साथ पांच रिकॉर्ड बने और मैं ध्वजवाहक बनी, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है," उन्होंने लौटने पर कहा। उन्होंने बताया कि वह जापान जाते वक्त दो मेडल लाने की सोचकर गई थीं।

19 वर्षीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी दो स्वर्ण और एक रजत लेकर आईं और सिंगापुर की नूर सयाहिदाह अलीम के खिलाफ अपना व्यक्तिगत कंपाउंड खिताब बचाया — हांगझोउ फाइनल की पुनरावृत्ति। "मैं अपने खेल पर ध्यान देती हूं। सोशल मीडिया ज्यादा नहीं देखती," उन्होंने कहा।

पैरा बैडमिंटन में नीतेश कुमार ने पुरुष एकल SL3 फाइनल में साथी प्रमोद भगत को हराया, और नवागंतुक नवीन शिवकुमार ने SL4 स्वर्ण जीता। थुलसिमती मुरुगेसन और मानसी जोशी ने महिला युगल SL3-SU5 खिताब जीता। पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नीतेश ने कहा कि अब लक्ष्य लॉस एंजिल्स 2028 है: "क्वालिफिकेशन पार करना है, और लक्ष्य वही रहेगा — अपना खिताब बचाना।"

सबसे बड़ा भार एथलेटिक्स ने उठाया। सुमित अंतिल ने पुरुष भाला फेंक F42-44/61-64 में 72.46 मीटर के साथ भारत का दबदबा कायम किया। संदीप ने पुरुष 400 मीटर T64 में विश्व रिकॉर्ड बनाया और 100 मीटर T44 में कांस्य लिया। हाने ने भाला फेंक F37/38 में विश्व रिकॉर्ड बनाया। तीरंदाजी में भारत का सर्वश्रेष्ठ अभियान रहा — तीन स्वर्ण और तीन रजत, जिसमें हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की पुरुष रिकर्व युगल जीत शामिल है।

भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष पीटी उषा ने रविवार को एक्स पर एथलीट्स को बधाई दी और कोच तथा सहयोगी स्टाफ के योगदान का जिक्र किया।

मेडल टेबल से पैमाना समझ में आता है। चीन 435 मेडल, जिनमें 207 स्वर्ण, के साथ शीर्ष पर रहा। मेजबान जापान 186 के साथ दूसरे और उज्बेकिस्तान 145 के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत के 114 मेडल उस दल से आए जिसका आकार हांगझोउ गए दल से आधा था।