मुख्य सामग्री पर जाएं
मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री

सियांग बांध पर अभी फैसला नहीं, सीएम खांडू का भरोसा; बंद से ठप हुआ ऊपरी सियांग

11,200 मेगावाट के सियांग अपर मल्टीपरपज प्रोजेक्ट पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार को कहा। उन्होंने बताया कि अभी सिर्फ प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो रही है, जो निर्माण की मंजूरी नहीं है। कांग्रेस ने परियोजना रद्द करने की मांग के साथ सोमवार से 36 घंटे का बंद बुलाया है।

· · 1 मिनट में पढ़ें

ईटानगर: सियांग नदी पर बनने वाली 11,200 मेगावाट की सियांग अपर मल्टीपरपज परियोजना पर केंद्र या राज्य सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार शाम यह साफ किया। "मैं साफ कहता हूं, इस वक्त हम निर्माण की बात ही नहीं कर रहे," उन्होंने कहा।

खांडू ने बताया कि फिलहाल सिर्फ प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) तैयार की जा रही है। इसका मकसद परियोजना की व्यवहार्यता और संभावित असर को परखना है, और यह रिपोर्ट निर्माण की मंजूरी नहीं मानी जाएगी।

खुले पत्र में उन्होंने कहा, "मैं भरोसा दिलाता हूं कि आपकी आवाज, आपकी जमीन, आपके घर और हमारी प्यारी 'आने सियांग' हर फैसले के केंद्र में रहेंगे। आपकी चिंताओं का हल खुली बातचीत, पारदर्शिता और सार्थक जन परामर्श से निकाला जाएगा।" उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर आवाज अहम है और असहमति लोगों का हक है। साथ ही शांति बनाए रखने की अपील की और हिंसा, रास्ता रोकने तथा हमलों से बचने की चेतावनी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित इस प्रोजेक्ट का रणनीतिक महत्व जुलाई 2025 में बढ़ा, जब चीन ने तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर बड़ी जलविद्युत परियोजना का निर्माण शुरू किया।

आदी समुदाय के बड़े हिस्से ने इसका विरोध किया है। पुरखों के गांव डूबने का डर, विस्थापन, खेती की जमीन और जंगलों का नुकसान तथा पारंपरिक जीवनशैली में बदलाव उनकी मुख्य चिंताएं हैं।

कांग्रेस ने परियोजना को हमेशा के लिए रद्द करने की मांग की है। पार्टी की राज्य इकाई ने PFR तैयार करने का भी विरोध किया है। सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम और एसयूएमपी अफेक्टेड एरिया यूथ एसोसिएशन ने सोमवार से 36 घंटे का बंद बुलाया है।

सोमवार को ऊपरी सियांग जिले में दुकानें, बाजार और कई शिक्षण संस्थान बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन पर असर पड़ा। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए। इससे पहले शनिवार को पासीघाट में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी और वाहन जलकर खाक हो गए थे।

सरकार ने जन परामर्श का भरोसा दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें वही हैं। गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई, सुरक्षा बलों की तैनाती और सर्वे रोकने की मांग वे दोहरा रहे हैं।