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सिद्दीकी मर्डर केस: अनमोल बिश्नोई की कस्टडी पर MCOCA कोर्ट का सवाल

बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की कस्टडी न मिल पाने पर मुंबई पुलिस ने कानूनी अड़चनें बताईं. स्पेशल MCOCA कोर्ट ने जांच अधिकारी सुभाष धुधगांवकर को शो-कॉज नोटिस जारी की है, बुधवार को बहस होनी है.

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मुंबई: बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की फिजिकल कस्टडी न मिल पाने की वजह मुंबई पुलिस कानूनी अड़चनें बता रही है. लेकिन स्पेशल MCOCA कोर्ट की टिप्पणी ने सवाल खड़ा कर दिया है — जांच टीम ने सारे रास्ते आजमाए या सिर्फ वही रास्ता पकड़ा जिसके बंद होने का पहले से पता था?

अनमोल, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई है. एक्टर सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग में भी वह वांटेड है. जांच एजेंसियों ने सिद्दीकी की हत्या में उसे कथित मास्टरमाइंड बताया है.

कोर्ट ने अनमोल की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनिश्चित करने पर विचार करने का निर्देश दिया था. इसके बजाय पुलिस ने तिहाड़ जेल से उसकी फिजिकल प्रोडक्शन मांगी. केंद्र सरकार के आदेश से उसे तिहाड़ से हटाने पर रोक है, इसलिए यह मांग खारिज हो गई.

स्पेशल MCOCA कोर्ट ने जांच अधिकारी, ACP सुभाष धुधगांवकर, को शो-कॉज नोटिस जारी किया. कोर्ट ने कहा कि उनका आचरण प्रथम दृष्टया उसके निर्देशों की 'जानबूझकर अनदेखी' दिखाता है.

कोर्ट के 5 अगस्त के आदेश में कहा गया कि 10 जुलाई के निर्देशों के बावजूद अधिकारी ने दिल्ली की एक अदालत के सामने अनमोल की सिर्फ फिजिकल पेशी मांगी, जो हटाने पर रोक के चलते खारिज हुई. कोर्ट ने कहा कि कंप्लायंस रिपोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या किसी और कानूनी तरीके से अनमोल को हासिल करने की कोशिशों पर 'चुप' थी.

धुधगांवकर ने दलील दी कि फिजिकल कस्टडी के बिना ठीक जांच मुमकिन नहीं. कोर्ट ने इसे 'पूरी तरह असंतोषजनक' कहकर खारिज कर दिया और कहा कि अधिकारी ने 'वही कोशिश दोहराई, जो मौजूदा रोक आदेश के चलते नाकाम होनी ही थी.'

जज ने कहा, 'मौजूदा केस में प्रथम दृष्टया जांच अधिकारी का आचरण 10 जुलाई 2026 के आदेश में दिए निर्देशों की जानबूझकर अनदेखी दिखाता है.' 12 अगस्त के जवाब में धुधगांवकर ने जानबूझकर अवज्ञा से इनकार किया. उन्होंने कहा कि कथित साजिश की जांच, साजिशकर्ताओं की पहचान, फंडिंग और हथियारों का पता लगाने और डिजिटल बातचीत जांचने के लिए फिजिकल कस्टडी जरूरी है.

शहजीन सिद्दीकी की तरफ से वकील त्रिवणकुमार करनानी ने कहा, 'बहस के दौरान हम बताएंगे कि मुंबई पुलिस को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अनमोल की कस्टडी लेनी चाहिए थी, जेल में उससे पूछताछ के लिए सक्षम अदालत से इजाजत लेनी चाहिए थी और 10 जुलाई के आदेश के मुताबिक उसे स्पेशल MCOCA कोर्ट के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश करना चाहिए था.'

सिद्दीकी की विधवा शहजीन ने अधिकारी पर कोर्ट को गुमराह करने के आरोप में उसके खिलाफ और कार्रवाई की मांग करते हुए अर्जी लगाई है. बुधवार (21 अक्टूबर) को कोर्ट इस पर बहस सुन सकता है.