देहरादून: उर्मिला सनावर नार्को टेस्ट के लिए तैयार थीं। शुक्रवार को सीबीआई अदालत में उन्होंने बिना शर्त हामी भर दी थी। दो दिन बाद हरिद्वार पुलिस उन्हें सहारनपुर के गोविंदनगर स्थित उनके घर से उठा ले गई, और रविवार रात तक देहरादून में उनके खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज हो चुकी थी।
दोनों मामले हत्याकांड के नहीं हैं।
पहला मामला 24 अक्टूबर की रात रानीपुर कोतवाली में दर्ज हुआ, पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की लिखित शिकायत पर। आरोप है कि सोशल मीडिया पर अश्लील और मानहानिकारक पोस्ट किए गए, और व्हाट्सएप कॉल पर एक संपत्ति सनावर के नाम करने, ₹5 करोड़ देने और जान से मारने की धमकी दी गई। सनावर खुद को राठौर की पत्नी बताती हैं; राठौर इससे इनकार करते हैं।
दूसरी एफआईआर देहरादून के कोतवाली नगर में सागर नाम के एक निवासी की शिकायत पर हुई। उनकी शिकायत है कि सीबीआई अदालत के बाहर रिकॉर्ड हुए एक वीडियो में सनावर ने सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष और आरती गौर नाम की एक महिला पर 'अत्यंत अश्लील, झूठे और दुर्भावनापूर्ण' आरोप लगाए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 79, 352, 353 और 356 लगाई है। आरोपों की अदालत में जांच बाकी है।
सनावर वही महिला हैं जिनकी राठौर से कथित ऑडियो बातचीत के बाद 2022 में हुई 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या फिर सुर्खियों में आई थी। अंकिता पौड़ी के वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या हुई थी और चार दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से मिला था। रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
कांग्रेस ने सीधे समय पर हमला बोला। राज्यसभा सदस्य कुमारी सैलजा ने एक्स पर पूछा कि नार्को टेस्ट से 'ठीक पहले' नया मामला क्यों दर्ज किया गया, और इसे वीआईपी की भूमिका का सच दबाने की कोशिश बताया। प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि सरकार रसूखदारों को बचाने के लिए 'हर मुमकिन हथकंडा' अपना रही है, और पूछा कि सीबीआई ने अब तक गौतम या यमकेश्वर की विधायक रेणु बिष्ट से पूछताछ क्यों नहीं की।
सियासी पारा इंडिया गेट पर पहले ही चढ़ चुका है, जहां अंकिता के माता-पिता गौतम के सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में धरने पर बैठे हैं। पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी मांग कर रहे हैं कि सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति रद्द की जाए। रविवार शाम राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा वहां पहुंचे और परिवार के साथ बैठ गए।
सोमवार को सनावर को देहरादून की अदालत में अपनी अंतिम सहमति दर्ज करानी थी।