नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (30 अक्टूबर) मोकामा के विधायक अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी। दुलारचंद यादव हत्या मामले में उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया गया है।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने पटना हाई कोर्ट का 19 मार्च का जमानत आदेश रद्द किया। बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड पर ठीक से विचार नहीं किया। बिहार पुलिस को चार महीने में जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया और मामला चार महीने बाद फिर सुनवाई पर आएगा।
यह याचिका मृतक के पोते नीरज कुमार ने दायर की थी। याचिकाकर्ता के वकील ने पहले दलील दी थी कि अनंत सिंह ने अपने 67 आपराधिक मामले पूरी तरह नहीं बताए।
मामला 30 अक्टूबर 2025 का है। बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मोकामा तालुक के बसावनचक गांव में, घोसवारी थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हुई। वे राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व नेता थे और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे।
पुलिस जांच के मुताबिक यादव को एक एसयूवी ने रौंदा। परिवार का आरोप है कि पहले गोली चली और फिर गाड़ी ने रौंदा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार कठोर और कुंद वस्तु की चोट से दिल और फेफड़ों में लगी चोट के सदमे से हृदय-श्वसन फेल होने से मौत हुई।
अनंत सिंह को 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया और वे पटना के बेउर सेंट्रल जेल में रहे। जेल में रहते हुए ही उन्होंने मोकामा सीट से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत गए। मार्च में हाई कोर्ट की जमानत के बाद वे बाहर आए।
पिछले कुछ दिनों में उनकी राजनीतिक घेराबंदी भी तेज हुई है। जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए छह साल के लिए निकाल दिया। राज्य सरकार ने नीलम देवी की राज्यस्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की सदस्यता, राज्यमंत्री दर्जा और सरकारी आवास की सुविधा वापस ले ली। 26 अक्टूबर को उन्हें 1, मॉल रोड स्थित बंगला खाली करने की नोटिस दी गई। जदयू ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से अनंत सिंह को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अपात्र ठहराने की मांग भी की है।
आदेश के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि कोर्ट ने जो कहा वह सही है, उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और वे 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार ने नहीं, नीरज कुमार ने करवाया है।