नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि पंजाब में अगली सरकार भाजपा के नेतृत्व वाले NDA की ही होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी 'घुसपैठियों के वोट' बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
"भाजपा चुनाव जीतती रहती है और इससे विपक्ष परेशान है। इसीलिए उन्होंने 'वोट चोरी' का बहाना निकाला है," शाह ने कहा। विदेश में मौजूद गांधी पर तंज कसते हुए वे बोले, "मुझे पता है आप मेरी बात सुन नहीं सकते, आप कहीं विदेश में बैठे हैं... लेकिन दिल्ली लौटते ही सुन लीजिए; अगले तीस साल आपकी बारी नहीं आएगी।"
पंजाब को लेकर शाह का यह बयान ऐसे संकेत के तौर पर पढ़ा जा रहा है कि भाजपा अपने पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ फिर से गठबंधन का रास्ता खुला रख रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह बयान आया है। हालांकि शाह ने किसी गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं की।
गुरुवार को शाह का 62वां जन्मदिन भी था। उसी दिन उन्होंने दिल्ली में यमुना नदी के कायाकल्प के लिए कुल 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। केंद्र सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से नदी की सफाई और पुनरुद्धार होगा। शाह ने विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों पर भी निशाना साधा और कहा कि प्रदर्शनों से कुछ हासिल नहीं होता।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत आम आदमी पार्टी के नेताओं ने शाह के दावे को चुनौती दी है। आने वाले दिनों में भाजपा की पंजाब महत्वाकांक्षा और अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन पर सियासी बहस तेज होने की उम्मीद है।
मतदाता सूची संशोधन के दौरान नाम गलत तरीके से हटाए जाने के विपक्ष के आरोपों से 'वोट चोरी' का मुद्दा उठा है। भाजपा इस आरोप को खारिज करती है और इसे विपक्ष की अपनी कमजोरी छिपाने का बहाना बताती है। पंजाब में 2027 में चुनाव होने हैं और पिछले कुछ महीनों के प्रदर्शनों तथा नशे के मुद्दे से राज्य की सियासत गरम है।