नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को दोपहर करीब 3 बजे दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचने वाले हैं। 30 अगस्त 2022 के बाद वह पहली बार इस इमारत में कदम रखेंगे, अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दिल्ली में हफ्तों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा और उसके बाद पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल के इस्तेमाल के आरोपों से दिल्ली पुलिस पहले से सुर्खियों में है।
पुलिस आयुक्त समेत वरिष्ठ अधिकारी शाह को उस घटनाक्रम की जानकारी देंगे। दर्ज मामलों, गिरफ्तारियों और पूरी हुई जांच के आंकड़ों वाली एक विस्तृत प्रस्तुति तैयार की गई है, सूत्रों ने बताया।
बैठक में तीन मुद्दे प्रमुखता से आ सकते हैं। पहला, नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई, सप्लाई नेटवर्क की पहचान और बंटवारे की चेन तोड़ना। दूसरा, विदेश से चलने वाले गैंगस्टर, जो दिल्ली और एनसीआर में साथियों के जरिए फायरिंग, वसूली और हथियारों की सप्लाई करते हैं। तीसरा, महिलाओं के खिलाफ अपराध। सितंबर में दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला, जिसमें तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया था, इस मुद्दे को तेज बनाता है।
दिवाली के बाद विपक्ष के प्रदर्शन फिर शुरू होने की उम्मीद है, इसलिए उन्हें कैसे संभाला जाए, इस पर भी चर्चा हो सकती है। सीजेपी और विपक्ष के प्रदर्शनों से जुड़े कम से कम 57 मामले दिल्ली क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किए गए हैं। इनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर और पुलिस व सुरक्षाकर्मियों पर हमले के दस मामले शामिल हैं।