भारत और जपान की दोस्ती सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं है। यह संस्कृति, अध्यात्म और गहरे आत्मीय रिश्तों के मजबूत धागों से बुनी है। इसी रिश्ते का एक बेहद भावुक और अहम क्षण मुंबई में देखने को मिला, जब जपान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की पत्नी आकी आबे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिष्टाचार भेंट की। महाराष्ट्र के तेज विकास में जपान का हमेशा बड़ा योगदान रहा है, और फडणवीस के नेतृत्व में राज्य और जपान के भरोसेमंद रिश्ते को इस भेंट ने एक बार फिर दिखाया है।
दिवंगत शिंजो आबे का भारत, और खासकर महाराष्ट्र के प्रति प्रेम जगजाहिर है। उनके निधन के बाद भी आबे परिवार और भारत के बीच यह लगाव उतना ही ताजा है, यह इस भेंट में साफ दिखा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आकी आबे का बेहद आदर और स्नेह के साथ स्वागत किया।
“भारत की पूजा और जपान की परंपरा में अद्भुत समानता है!”: आकी आबे इस भेंट में आकी आबे ने हाल ही में की गई काशी और वाराणसी की यात्रा के भावपूर्ण अनुभव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से साझा किए। वाराणसी को दुनिया का सबसे प्राचीन, पवित्र और जीवंत शहर बताते हुए उन्होंने कहा:
“काशी के पास एक आध्यात्मिक स्थान पर मैंने संस्कृत मंत्रोच्चार, पूजा-विधि और देवता को भोग चढ़ाने की परंपराओं को बहुत करीब से देखा। उसी पल मुझे महसूस हुआ कि भारत की इन प्राचीन रीतियों और जपान की पारंपरिक धार्मिक प्रथाओं में जबरदस्त समानता है। दोनों संस्कृतियां प्रकृति, पूर्वजों और ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी हैं। यह महज संयोग नहीं, बल्कि भारत और जपान के हजार साल पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्ते का जीता-जागता सबूत है।”
आकी आबे के इन विचारों से पूरा माहौल भावुक हो गया। भारत की समृद्ध विरासत के बारे में उनकी बातों का मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिल से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री फडणवीस के नेतृत्व पर जपान का गहरा भरोसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जपान के साथ महाराष्ट्र के औद्योगिक, तकनीकी और सांस्कृतिक रिश्तों को हमेशा नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन हो, मेट्रो परियोजनाएं हों या जायका (JICA) का सहयोग, फडणवीस के कार्यकाल में ये रिश्ते हमेशा सुनहरे दौर में रहे हैं। आकी आबे की इस भेंट ने महाराष्ट्र के नेतृत्व के प्रति जपान के स्नेह और सम्मान को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है।
इस भावुक और स्नेहपूर्ण बैठक में जपान का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी मौजूद थे। दोनों देशों की दोस्ती इसी तरह लगातार मजबूत होती रहे, ऐसी शुभकामनाएं व्यक्त की गईं।

