मुख्य सामग्री पर जाएं
मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री

राम-कृष्ण पर टिप्पणी के बाद धीरेंद्र शास्त्री के यूपी में एंट्री पर बैन की मांग, अखिलेश यादव का ऐलान

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को मांग की कि राम और कृष्ण की तुलना करने वाली टिप्पणी के बाद प्रचारक धीरेंद्र शास्त्री के उत्तर प्रदेश में प्रवेश पर रोक लगे। शास्त्री ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में राम कथा के दौरान दिए बयान पर माफी मांग ली है।

· · 1 मिनट में पढ़ें

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक प्रचारक के बयान पर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को राज्य में घुसने नहीं दिया जाए।

विवाद की शुरुआत मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में चल रही राम कथा में हुई। वहां शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण की शारीरिक मुद्राओं की तुलना की और कृष्ण की 'त्रिभंगी' मुद्रा का जिक्र किया। मथुरा और वृंदावन के संतों और भक्तों के विरोध के बाद उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि किसी देवता का अपमान करने का उनका इरादा नहीं था।

अखिलेश यादव ने मामला वहीं नहीं छोड़ा। शास्त्री का नाम लिए बिना उन्होंने एक्स पर लिखा, "अब उसे ब्रज में भी नहीं आने दिया जाएगा और अवध में भी नहीं। न कोई सच्चा रघुवंशी और न कोई सच्चा यदुवंशी उसका स्वागत करेगा।"

यादव का कहना है कि शास्त्री ने 'यदुवंशी' और 'रघुवंशी' कुलों की धार्मिक भावनाएं आहत की हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा पर बोर्ड लगाकर ऐलान किया जाए कि ईश्वर निंदा करने वालों को राज्य में एंट्री नहीं मिलेगी।

उन्होंने यह भी पूछा कि धार्मिक विवादों में राजनीतिक लोगों की दखल क्यों है, और चेतावनी दी कि ऐसी ही बातें आगे दूसरे समुदायों के खिलाफ भी हो सकती हैं।

भाजपा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मगर माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा सत्तारूढ़ दल पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल होगा।

ब्रज और अवध, दोनों इलाके समाजवादी पार्टी के राजनीतिक नक्शे में अहम हैं। इसलिए यादव की यह चेतावनी सिर्फ धार्मिक नहीं, वोटों का हिसाब भी है।

शास्त्री के कार्यक्रमों और पुलिस परमिशन पर राज्य सरकार क्या रुख लेती है, यह अगले कुछ दिनों में साफ होगा।