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24 साल, एक भाषण: आगा रुहुल्लाह ने छोड़ी एनसी और लोकसभा की सीट

श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने मंगलवार को बडगाम की रैली में लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़ दी। 24 साल का साथ खत्म करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर 2024 के चुनावी वादे तोड़ने का आरोप लगाया। उनका इस्तीफा उस दिन के बाद आया है जब 25 विधायकों ने पार्टी को 14 दिन की अल्टीमेटम दी थी।

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श्रीनगर: आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने मंगलवार को बडगाम के एक मंच से लोकसभा से अपना इस्तीफा साइन किया और सभा से कहा कि कुर्सी उस वादे से बड़ी नहीं है जिस पर वह चुनाव लड़े थे।

श्रीनगर के सांसद का यह पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को संबोधित है। इसमें संविधान के अनुच्छेद 101(3)(बी) और लोकसभा की कार्य प्रणाली के नियम 240 का हवाला दिया गया है। उसी भाषण में उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस भी छोड़ दी, जिससे 24 साल का वह साथ खत्म हुआ जिसमें वे बडगाम से तीन बार जम्मू-कश्मीर विधानसभा पहुंचे और 2024 में करीब 1.88 लाख वोटों से श्रीनगर सीट जीती।

ऐलान के लिए उन्होंने अपने पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं बरसी और बेहिश्त-ए-ज़हरा पार्क चुना। हजारों लोग जुटे थे।

अपनी ही पार्टी पर उनका आरोप पत्र ठोस है। रुहुल्लाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर 2024 के विधानसभा घोषणापत्र से मुकरने का आरोप लगाया — अनुच्छेद 370 की बहाली, एक लाख नौकरियां, संतुलित आरक्षण नीति, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और सालाना 12 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर। उन्होंने कहा कि उमर ने अनुच्छेद 370 पर चुनाव लड़ा और सत्ता में आने के बाद लड़ाई को राज्य का दर्जा तक सीमित कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को "अयोग्य" कहा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी ने उन्हें शिया वोटरों की वजह से बारामूला से चुनाव लड़ाना चाहा था। उनके शब्दों में, "राजनीति इस स्तर तक गिरा दी गई थी कि वोटरों को धर्म की नजर से देखा जा रहा था।"

रुहुल्लाह ने कहा कि वे किसी दूसरी पार्टी में नहीं जा रहे। उनकी योजना, उनके शब्दों में, जम्मू-कश्मीर के ईमानदार और समर्पित युवाओं को एक मंच पर जुटाना है, और कुछ भी ऐलान करने से पहले वे यही करना चाहते हैं।

इस्तीफे का वक्त भी अहम है। सोमवार को 25 नाराज विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को 14 दिन की अल्टीमेटम देकर चेताया था कि अगर सभी मौजूदा मंत्री नहीं हटाए गए और मुख्यमंत्री के सलाहकार नहीं हटाए गए तो वे समर्थन वापस ले लेंगे। भाजपा नेता रविंदर रैना ने कहा कि इस इस्तीफे ने नेशनल कॉन्फ्रेंस में "खतरे की घंटी" बजा दी है।

श्रीनगर सीट तभी खाली होगी जब अध्यक्ष इस्तीफा स्वीकार करेंगे। उसके बाद उपचुनाव होगा।