महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी। सुबह 8 से शाम 4 बजे तक औरंगाबाद, पुणे और नागपुर संभाग की तीन स्नातक तथा अमरावती और पुणे संभाग की दो शिक्षक सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
पांच सीटों के लिए 182 उम्मीदवार मैदान में हैं। यानी जीतेंगे पांच, बाकी 177 का फैसला मतगणना के दिन। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र अकेले 47 उम्मीदवारों के साथ सबसे आगे है — पांचों सीटों में सबसे ज्यादा। इन पांच क्षेत्रों के मिले-जुले 182 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत एक ही दिन तय होगी।
वोटिंग के लिए पांचों क्षेत्रों में कुल 2419 बूथ बनाए गए हैं। औरंगाबाद स्नातक में 842, पुणे स्नातक में 741, नागपुर स्नातक में 445, पुणे शिक्षक में 310 और अमरावती शिक्षक में 81 बूथ हैं।
वोटरों की बात करें तो पांचों क्षेत्रों में कुल 10 लाख 68 हज़ार 72 वोटर दर्ज हैं। इनमें पुणे स्नातक में सबसे ज्यादा 3 लाख 88 हज़ार 19 वोटर, जबकि अमरावती शिक्षक में सबसे कम 35 हज़ार 810.
उम्मीदवारों का हिसाब यह है — औरंगाबाद स्नातक में 41, नागपुर स्नातक में 38, पुणे शिक्षक में 30 और अमरावती शिक्षक में 26.
मौजूदा पांच सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को खत्म हो रहा है, इसलिए भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक यह द्विवार्षिक चुनाव कराया जा रहा है। जिनका कार्यकाल पूरा हो रहा है वे हैं: सतीश भानुदासराव चव्हाण (औरंगाबाद स्नातक), अरुण गणपती लाड (पुणे स्नातक), अभिजीत गोविंदराव वंजारी (नागपुर स्नातक), किरण रामराव सरनाईक (अमरावती शिक्षक) और जयंत दिनकर आसगावकर (पुणे शिक्षक).
मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर को होगी और पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी करने की योजना है। चुनाव तंत्र का कहना है कि वोटिंग निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त माहौल में कराने की तैयारी है। नए सदस्य कार्यकाल खत्म होने से पहले ही कुर्सी संभाल लेंगे।